पब्लिक और होटल Wi-Fi से चोरी हो सकता है निजी डेटा, जानिए माइक्रोसॉफ्ट का नया साइबर सुरक्षा अलर्ट
होटल या पब्लिक स्थान का Wi-Fi इस्तेमाल करते समय रहें सावधान! Microsoft ने CaptiveCrunch साइबर हमले की चेतावनी दी है, जिससे निजी डेटा चोरी हो सकता है।
अगर आप होटल या किसी पब्लिक जगह का Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान रहने की जरूरत है. माइक्रोसॉफ्ट ने यात्रियों को एक नए साइबर हमले को लेकर चेतावनी दी है. कैप्टिवक्रंच नाम के इस कैंपेन में हैकर्स होटल और दूसरे साझा Wi-Fi नेटवर्क के जरिए यूजर्स को फर्जी लॉगिन पेज और खतरनाक वेबसाइटों पर भेज सकते हैं. इससे पासवर्ड, अकाउंट और जरूरी जानकारी चोरी होने का खतरा है. माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, कुछ मामलों में हमलावर डिवाइस पर मैलवेयर इंस्टॉल कर उसका रिमोट कंट्रोल भी हासिल कर सकते हैं.
होटल Wi-Fi के जरिए ऐसे हो रहा साइबर हमला
माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट इंटेलिजेंस के मुताबिक, यह हमला मई 2026 की शुरुआत से हॉस्पिटैलिटी नेटवर्क पर देखा गया है. इनमें होटल, कॉन्फ्रेंस सेंटर और दूसरी सार्वजनिक जगहों के ऐसे Wi-Fi नेटवर्क शामिल हैं, जहां इंटरनेट चलाने से पहले यूजर को लॉगिन करना या नियम स्वीकार करना पड़ता है. हमलावर ऐसे नेटवर्क के डीएनएस और वेब ट्रैफिक में हेरफेर कर सकते हैं. इसके बाद यूजर को बिना तुरंत पता चले फर्जी माइक्रोसॉफ्ट लॉगिन पेज या खतरनाक वेबसाइट पर भेजा जा सकता है. इससे लॉगिन जानकारी और दूसरे अकाउंट खतरे में पड़ सकते हैं.
फर्जी अपडेट बनाकर डिवाइस में घुस रहे हैकर्स
स्टॉर्म-2945 यूजर्स को फर्जी सॉफ्टवेयर और ब्राउजर अपडेट स्क्रीन के जरिए भी निशाना बना रहा है. स्क्रीन पर ऐसा दिखाया जाता है कि कंप्यूटर में विंडोज, ब्राउजर, सिक्योरिटी या किसी दूसरे सॉफ्टवेयर का अपडेट जरूरी है. यूजर को दिए गए निर्देशों का पालन करने पर उसके डिवाइस में खतरनाक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो सकता है. माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि इस अभियान में कॉर्नफ्लेक नाम का विंडोज आधारित रिमोट एक्सेस ट्रोजन भी पाया गया है, जिसे गो प्रोग्रामिंग भाषा में लिखा गया है.
कॉर्नफ्लेक से चोरी हो सकता है निजी डेटा
कॉर्नफ्लेक मैलवेयर हमलावरों को संक्रमित कंप्यूटर पर काफी हद तक नियंत्रण दे सकता है. माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, यह फाइल, पासवर्ड और सेशन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर सकता है, कीबोर्ड पर दबाई जाने वाली कीज को रिकॉर्ड कर सकता है और जुड़े हुए डिवाइस की निगरानी कर सकता है. यह ऑडियो और वीडियो निगरानी के साथ सिस्टम तक रिमोट एक्सेस भी दे सकता है. मैलवेयर कंप्यूटर में बने रहने के लिए अपने आप शुरू होने के कई तरीके बनाता है और वैध विंडोज सर्विस व प्रोसेस जैसा दिखने की कोशिश भी कर सकता है.
एंड्रॉयड यूजर्स भी रहें सावधान
माइक्रोसॉफ्ट को ऐसे संकेत भी मिले हैं कि इसी तरह की तकनीक एंड्रॉयड यूजर्स के खिलाफ इस्तेमाल की जा सकती है. कुछ खतरनाक पेज एंड्रॉयड यूजर्स को एपीके फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के निर्देश दिखा सकते हैं. माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, यह अभियान खास तौर पर कॉर्पोरेट यात्रियों पर केंद्रित नजर आता है, क्योंकि होटल और साझा Wi-Fi नेटवर्क के जरिए हमलावर काम से जुड़े अकाउंट और डिवाइस इस्तेमाल करने वाले लोगों तक पहुंच बना सकते हैं. कंपनी ने यात्रियों और संगठनों को सार्वजनिक Wi-Fi इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने और अचानक दिखने वाले अपडेट या लॉगिन संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी है. माइक्रोसॉफ्ट इस अभियान की जांच एंथ्रोपिक और ओपनएआई समेत सुरक्षा साझेदारों के साथ कर रहा है.