ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पानी के लिए सड़क पर उतरे 6 हजार परिवार, मुख्य मार्ग ठप
महागुन मायवुड्स सोसाइटी में एक महीने से जारी पानी के संकट को लेकर निवासियों ने 8 घंटे सड़क जाम की। पढ़ें पूरी खबर।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसाइटी के करीब छह हजार परिवार एक महीने से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। जब मंगलवार को भी उनके घरों में पानी नहीं पहुंचा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सोसाइटी गेट नंबर-2 के सामने मुख्य सड़क को करीब आठ घंटे तक बंद रखा। पुलिस और प्राधिकरण के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया। लोगों के बताया कि सोसाइटी में पिछले करीब एक महीने से पेयजल की आपूर्ति लगातार प्रभावित है। लगातार टैंकर मंगाए जा रहे हैं, लेकिन उनसे भी पूर्ति नहीं पड़ रही। पिछले दो दिनों से स्थिति गंभीर हो गई है। साथ ही, सोसाइटी में टैंकर भी नहीं मंगाए गए।
लोगों ने सोमवार देर रात मेंटेनेंस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। मंगलवार सुबह भी घरों में पानी न पहुंचने पर लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने सुबह करीब दस बजे गेट नंबर-2 के सामने मुख्य सड़क पर धरना शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाने का प्रयास किया। शाम करीब छह बजे पुलिस प्रशासन और प्राधिकरण से बिल्डर पर कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने अपने धरना समाप्त किया।
प्राधिकरण और बिल्डर एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
लोगों का आरोप है कि पानी की समस्या को लेकर प्राधिकरण और बिल्डर प्रबंधन से लगातार शिकायत की जा रही है, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। प्राधिकरण की ओर से बिल्डर प्रबंधन की कमी बताई जाती है, जबकि बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि प्राधिकरण की तरफ से पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही।
बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर
प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक राजीव कुमार ने टीम के साथ सोसाइटी का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि यूजीआर तक पर्याप्त पेयजल आपूर्ति हो रही है। प्राधिकरण की तरफ से जलापूर्ति में कोई कटौती नहीं की गई है। प्राधिकरण के खिलाफ भ्रामक सूचना प्रसारित कर छवि खराब करने और निवासियों को परेशान करने पर बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल की तरफ से बिसरख कोतवाली में लिखित शिकायत दे दी गई है।
सोसाइटी में बिजली और लिफ्ट की भी समस्या
लोगों का आरोप है कि सोसाइटी में पानी ही नहीं, बिजली और लिफ्ट की भी समस्या है। रोजाना करीब चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित होने का आरोप है। इसके बाद डीजी का सहारा लिया जाता है, जिसका अतिरिक्त खर्च लोगों पर पड़ता है। वहीं, आए दिन लिफ्ट खराब होने और लोगों के लिफ्ट में फंसने की घटनाओं से सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
परिसर में डिलीवरी ब्वॉय का प्रवेश रोका
पानी की समस्या को लेकर बढ़ते विरोध के बीच कुछ समय के लिए सोसाइटी में डिलीवरी ब्वॉय और घरेलू सहायिकाओं के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई। इससे कई परिवारों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं। कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि घरेलू सहायिकाओं को रोकने से समस्या का समाधान नहीं होगा और घरों में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पानी का दबाव कम होने से परेशानी बढ़ी
महागुन मायवुड्स सोसाइटी मेंटेनेंस हेड सत्येंद्र बालियान ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से तीन दिनों से पानी का प्रेशर कम आ रहा था, जिसकी वजह से अंडरग्राउंड वाटर टैंक नहीं भर पा रहे थे। अब समस्या का समाधान हो गया है। साथ ही, अंडरग्राउंड वाटर टैंक को जल्दी से भरने के लिए टैंकर भी मांगे जा रहे हैं, ताकि लोगों को अधिक परेशानी न हो। लोगों के सभी आरोप गलत हैं।