गाजियाबाद में धड़ल्ले से बिक रहा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा, थानों से आसानी से मिल रही जमानत
गाजियाबाद में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है। कमजोर धाराओं के कारण आरोपी थानों से छूट रहे हैं। जानिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।
गाजियाबाद: चाइनीज मांझा अत्यंत जानलेवा है, इस पर पूर्ण प्रतिबंध है और इसके कारण कई लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं। इसके बावजूद गाजियाबाद शहर में इसका अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।
बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन को इसकी बिक्री और भंडारण की पूरी जानकारी है, हादसों का रिकॉर्ड सामने है और पुलिस को कार्रवाई के सख्त निर्देश हैं, तो यह प्रतिबंधित मांझा बाजार तक कैसे पहुंच रहा है? इससे भी बड़ा सवाल यह है कि बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई इतनी कमजोर क्यों है कि मुकदमा दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपियों को थाने से ही जमानत मिल जाती है?
⚖️ कानून में लूपहोल: हत्या का मामला दर्ज करने का आदेश, लेकिन थानों से छूट रहे बिक्रेता
कार्रवाई में ढिलाई और जमानती धाराओं का गणित:
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आदेश बनाम हकीकत: चाइनीज मांझे से हादसे में मौत होने पर हत्या का मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन इसकी बिक्री और भंडारण करने वालों पर पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223बी, 125 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 5 व 6 के तहत ही कार्रवाई करती है।
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जमानती धाराएं: अधिकारियों के मुताबिक ये सभी धाराएं जमानती हैं। यानी जिस मांझे को जानलेवा मानकर प्रतिबंधित किया गया है, उसके अवैध कारोबार में पकड़े जाने के बाद भी आरोपी थाने से आसानी से बाहर आ जाता है।
🚔 550 रील पकड़ीं, फिर भी थाने से रिहा: रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल होने पर सिपाही निलंबित
हाल ही में सामने आया लूनी थाने का बड़ा मामला:
“गत 29 जुलाई को इंद्रपुरी इलाके में चाइनीज मांझे की करीब 550 रील बरामद की गई थीं। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानती धाराएं होने के कारण दोनों को थाने से ही जमानत दे दी गई। बाद में पुलिसकर्मियों का आरोपियों से पैसों के लेनदेन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद एक कांस्टेबल को निलंबित किया गया। डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि 7 वर्ष से कम सजा का प्रावधान होने के कारण आरोपियों को जमानत देनी पड़ती है, हालांकि पुलिस साठगांठ की जांच की जा रही है।”
🪁 15 अगस्त पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी, लेकिन सुरक्षा एडवाइजरी नदारद
प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही और मॉनिटरिंग का अभाव:
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नहीं जारी हुई एडवाइजरी: आमतौर पर मकर संक्रांति से बसंत पंचमी के बीच पुलिस एडवाइजरी जारी करती है और छापेमारी चलाती है। 15 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर (डीएमई और एनएच-9 के आसपास) में बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है, लेकिन इसके बावजूद इस बार कोई सुरक्षा एडवाइजरी जारी नहीं की गई।
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हाईवे चालकों को खतरा: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और हाईवे से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए किसी तरह के कोई विशेष इंतजाम नजर नहीं आए।
💸 ‘डिमांड पर तुरंत उपलब्ध’: महंगे दामों पर ब्लैक में बिक रहा चाइनीज मांझा
बाजार का रियलिटी चेक और कीमत का अंतर:
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कीमत में अंतर: साहिबाबाद, मालीवाड़ा और खोड़ा के बाजारों में पड़ताल करने पर पता चला कि सामान्य मांझे की रील 100 से 200 रुपये में मिलती है, जबकि चाइनीज मांझा 100 रुपये से शुरू होकर 300 से 400 रुपये तक में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।
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मांग की वजह: महंगा होने के बावजूद पतंग काटने में आसानी होने के कारण शौकीन लोग इसे चोरी-छिपे खरीद रहे हैं। दुकानदार भी जोखिम के नाम पर ज्यादा मुनाफा वसूल रहे हैं।
🩺 कांच और नायलॉन का खतरनाक मिश्रण: 3 साल में 18 केस दर्ज, हजारों रील जब्त
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वेलफेयर अधिकारियों की चेतावनी:
“एनिमल वेलफेयर अधिकारी गौरव गुप्ता के अनुसार, चाइनीज मांझा प्लास्टिक और नायलॉन से तैयार किया जाता है और इस पर बारीक कांच का लेप लगाया जाता है। सामान्य सूती धागे के मुकाबले यह अत्यधिक मजबूत और धारदार होता है। शरीर का जो भी हिस्सा इसकी चपेट में आता है, वह गंभीर रूप से कट जाता है।”
⚠️ हादसे होते रहे, लेकिन प्रशासन ने नहीं लिया सबक: बीते सालों के प्रमुख हादसे
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जुलाई 2026: कनावनी गांव में पतंग उड़ा रहे एक छात्र की दो उंगलियां चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कट गईं।
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अगस्त 2025: मोदीनगर के निवाड़ी क्षेत्र में एक बाइक सवार युवक चाइनीज मांझे से बुरी तरह घायल हुआ।
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जनवरी 2025: हापुड़ रोड पर स्कूटी सवार युवक की गर्दन मांझे में फंसने से गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी।
👮♂️ अब सभी थानों में टीम बनाने का दावा: अतिरिक्त पुलिस आयुक्त का बयान
कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग का आश्वासन:
“अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरण नय्यर का कहना है कि हालिया हादसों और शिकायतों के बाद जिले के सभी थानों में विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें बाजारों और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करेंगी।”