हरियाणा में चीनी के दामों में उछाल, सरकार ने लागू की सख्त स्टॉक सीमा

चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा और पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।

पंचकूला: देश में खुदरा बाजार में चीनी के दामों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी जारी होने से घर की रसोई से लेकर कामकाज तक पर भी संकट गहराने लगा है. आमजन को चिंता सताने लगी है कि यदि चीनी के दामों की रफ्तार ऐसे ही जारी रही, तो इससे जुड़े कई काम-धंधे प्रभावित होंगे. बीते तीन सप्ताह के दौरान चीनी के दामों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने पर अब हरियाणा सरकार ने भी नए आदेश जारी किए हैं.

स्टॉक की सीमा निर्धारित: भारत सरकार ने 28 जुलाई 2026 को आदेश संख्या SO 4165 (E) जारी किया था, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और शुगर (कंट्रोल) ऑर्डर, 2025 के अंतर्गत चीनी व्यापारियों द्वारा रखे जाने वाले स्टॉक की सीमा निर्धारित करता है, ताकि जमाखोरी को रोका जा सके और बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.

पंजीकरण करवाना जरूरी: इस आदेश के अनुसार अब किसी भी चीनी व्यापारी द्वारा चीनी का स्टॉक प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों से अधिक अवधि तक नहीं रखा जा सकेगा. साथ ही किसी भी समय एवं किसी भी स्थान पर 4 हजार क्विंटल (400 मीट्रिक टन) से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखा जा सकेगा. इस आदेश के अनुसार सभी चीनी व्यापारियों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) के पोर्टल https://foodstock.dfpd.gov.in/ पर पंजीकरण करना और अपने चीनी स्टॉक की स्थिति तत्काल घोषित करना और उसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से अद्यतन करना अनिवार्य है.

हरियाणा में आदेश 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी: हरियाणा सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा प्रदेश में ये आदेश 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहने की जानकारी दी गई है. पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करने या गलत, अपूर्ण या विलंबित जानकारी उपलब्ध कराने को गंभीरता से लिया जाएगा. ऐसा करने के दोषी प्रतिष्ठानों/संस्थाओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

सरकार की आमजन से अपील: प्रदेश सरकार ने आमजन से अपील की है कि वे घबराकर चीनी की अनावश्यक खरीद या जमाखोरी ना करें, क्योंकि हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में चीनी की उपलब्धता एवं कीमतों की निरंतर निगरानी की जा रही है. उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें चीनी की जमाखोरी, निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने या अनुचित मूल्य वसूली की कोई सूचना प्राप्त होती है तो इसकी सूचना संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) कार्यालय को दें, ताकि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का हवाला: हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता एवं सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के मकसद से यह सभी आवश्यक कदम उठाए जाने का हवाला दिया है. जबकि त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है. ऐसे में गुड़, खांड और बूरा में 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ोतरी होना, यहां तक कि सरसों तेल में भी करीब तीस रुपए की बढ़ोतरी ने हर किसी को चिंता में डाल दिया है. देश समेत इसका बड़ा असर हरियाणा में गरीबी रेखा से नीचे एवं सरकारी डिपो से मिलने वाले राशन के आश्रितों पर पड़ेगा.

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