असुरक्षित घोषित दुकानों की नीलामी पर उठे सवाल, 2025 में घोषित हुई थीं जर्जर

जिला परिषद द्वारा असुरक्षित घोषित की गई भारत भवन धर्मशाला की दुकानों की नीलामी पर खड़े हुए गंभीर सवाल।

भिवानी। जिला परिषद द्वारा जिला नागरिक अस्पताल के सामने भारत भवन धर्मशाला की करीब 12 दुकानों की नीलामी में नियमों की अनदेखी उजागर हुई है। इन दुकानों को 27 अगस्त 2025 को असुरक्षित घोषित किया गया था। इसके बावजूद जिला परिषद ने 26 अगस्त 2026 को इनकी नीलामी कराकर नए किरायेदारों को आवंटित कर दिया।

नीलामी नोटिस में भी साफ तौर पर बताया गया था कि ये दुकानें असुरक्षित हैं। इसमें दुकानदार को दीवार या छत गिरने पर जानमाल की हानि का खुद जिम्मेदार ठहराया गया था। भारत भवन धर्मशाला का निर्माण 1974 में हुआ था। इसके आगे 12 दुकानें भी बनाई गई थीं। कुछ साल पहले जिला परिषद ने इस धर्मशाला और दुकानों को अपने अधीन ले लिया था। पुराने दुकानदारों को हटा दिया गया, जिनमें से कुछ ने न्यायालय की शरण ली।

पहले भी नीलामी के हुए थे प्रयास
नीलामी नोटिस के बिंदु नंबर 24 में भी दुकानों के असुरक्षित होने का जिक्र था। नियमों के अनुसार, किसी भी असुरक्षित भवन को नीलामी या उपयोग में लाना सुरक्षित भवन नियमों के दायरे से बाहर है। इससे कभी भी बड़ी जनहानि या अनहोनी हो सकती है। इन दुकानों की नीलामी के प्रयास पहले भी हुए थे। तब कुछ बोलीदाताओं ने काफी ऊंची बोली लगाई थी, पर आवंटन के समय वे नहीं पहुंचे, जिससे नीलामी नहीं हो पाई थी।

नियमों के अनुसार कराई गई है दुकानों की बोली
जिला परिषद के अधीन आने वाली भारत भवन धर्मशाला की दुकानों की बोली नियमों के अनुसार हुई है। भले ही ये दुकान पुरानी हैं, लेकिन इनकी मरम्मत बोली अलॉट होने वाले को खुद करानी होगी। इसमें किसी नियम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। कुछ लोगों ने इन दुकानों को लेकर कोर्ट में केस डाले हैं, उन्हें शायद दिक्कत हो सकती है।
किसी भी सरकारी या निजी भवन एवं दुकानों को निरीक्षण के बाद तकनीकी शाखा की तरफ से असुरक्षित घोषित कर दिया जाता है तो उसे दोबारा उपयोग में नहीं लाया जाता है। पीडब्ल्यूडी विभाग सर्वेक्षण के उपरांत काफी सरकारी भवनों को असुरक्षित घोषित करता है जिसका दोबारा उपयोग वर्जित है।
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