ईडी का बड़ा एक्शन, आजम खान की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 1170 करोड़ की संपत्ति अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 1170 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच कर लिया है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आजम खान से जुड़ी रामपुर स्थित ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ की जमीनों और विशाल इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) कर लिया है। बाजार में इन अटैच की गई संपत्तियों की कुल कीमत करीब 1170 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोनल ऑफिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एजेंसी ने आजम खान के शैक्षिक ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लिया है। दस्तावेजों के मुताबिक अटैच की गई इन संपत्तियों का आधिकारिक मूल्य 426.46 करोड़ रुपये है, लेकिन मौजूदा बाजार दर के हिसाब से इनकी कीमत लगभग 1170 करोड़ रुपये बैठती है। यह पूरी सख्त कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ चल रही PMLA की जांच के तहत की गई है।
🎓 आजम खान हैं यूनिवर्सिटी के मानद चांसलर, ट्रस्ट के जरिए होता है पूरा नियंत्रण
रामपुर के गांव सिंघानखेड़ा और जौहर नगर में स्थित यह विस्तृत यूनिवर्सिटी कैंपस ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ के स्वामित्व में है। इस ट्रस्ट की स्थापना खुद सपा नेता आजम खान ने की थी और वे ही इस पूरे संस्थान को नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा वे इस यूनिवर्सिटी के मानद चांसलर (Honorary Chancellor) भी हैं।
इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय ने 13 अक्टूबर को जेल में बंद आजम खान और उनके इस शैक्षणिक ट्रस्ट के खिलाफ एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। उन पर मुख्य आरोप है कि उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी के निर्माण और विस्तार के लिए करोड़ों रुपये के सरकारी फंड का भारी दुरुपयोग किया और वित्तीय स्तर पर कई गंभीर ‘अनियमितताएं’ बरती हैं।
⚖️ आजम समेत कई लोगों पर BNS और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा रामपुर में दर्ज की गई इस नई FIR में आजम खान के अलावा मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, दो निजी संस्थाओं और अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है।
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गंभीर धाराएं: इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 316(5) (आपराधिक विश्वासघात), 318(4) (धोखाधड़ी) और ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
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पुराने मामलों का दायरा: आजम खान और उनके करीबियों के खिलाफ पहले से ही 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी कड़ी में ईडी ने PMLA के तहत एक बड़ी और व्यापक कार्रवाई करने के लिए पहले से दर्ज सभी FIR को आपस में जोड़ने का रणनीतिक निर्णय लिया था।
इसी सिलसिले में, ईडी के लखनऊ जोनल ऑफिस ने 10 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक ई-मेल भेजा था। इसमें PMLA की धारा 66(2) के प्रावधानों के तहत आजम खान के खिलाफ अब तक जुटाए गए पुख्ता ‘सबूतों’ और जानकारियों को साझा करते हुए उनके खिलाफ नए सिरे से मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने का अनुरोध किया गया था।
लखनऊ में अपने मुख्यालय से संचालित होने वाले इस ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी खुद आजम खान हैं, जिनके साथ उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य और भरोसेमंद सहयोगी भी शामिल हैं। यह ट्रस्ट रामपुर में वर्ष 2006 में स्थापित ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ के साथ-साथ एक प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूल का भी संचालन करता है।