Ayodhya LPG Crisis: अयोध्या में गैस सिलेंडर की भारी कमी! 48 घंटे में बंद हो जाएंगे 50% होटल और रेस्टोरेंट

राम नगरी अयोध्या में प्रतिदिन लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं, लेकिन गैस की कमी के चलते होटल्स और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर आ गए हैं, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के सामने खाने का संकट खड़ा हो सकता है.

देशभर में LPG गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. लोग सुबह से शाम तक गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लग रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे मायूस होकर लौटना पड़ रहा है. वहीं कॉर्मशियल गैस की सप्लाई बिल्कुल बंद कर दी गई है, जिससे होटल्स, रेस्टोरेंट और बड़े-बड़े ढाबे बंद होने की कगार पर हैं. कई होटल्स-रेस्टोरेंट में या तो खाने का मेन्यू छोटा कर दिया गया है या फिर एकदम बंद कर दिया गया है.

अयोध्या में 50 प्रतिशत होटल हो जाएंगे बंद

वहीं देश के बड़े-बड़े पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों पर भी गैस की किल्लत का असर देखने को मिल रहा है. गैस की कमी को देखते हुए कई बड़े मंदिरों की तरफ से सुबह-दोपहर-शाम चलने वाला भंडारा बंद कर दिया गया है. प्रसाद के रूप श्रद्धालुओं को सिर्फ फल का वितरण किया जा रहा है. अगर बात करें राम नगरी अयोध्या की तो यहां पर भी गैस संकट का असर होटलों पर पड़ा है. अगले 48 घंटे में अयोध्या धाम में 50 प्रतिशत से अधिक होटल और रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे.

क्या बोले व्यापार मंडल के अध्यक्ष?

गैस की किल्लत को लेकर अयोध्या धाम के व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता से बातचीत की. इस दौरान व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि अगले 48 घंटे में गैस की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अयोध्या में 50% रेस्टोरेंट और होटल बंद हो जाएंगे. यही नहीं रामलाल और हनुमानजी महाराज को समर्पित किए जाने वाले लड्डू प्रसाद के निर्माण पर भी बड़ा संकट आ पड़ा है.

अयोध्या धाम में होटल और रेस्टोरेंट का संचालन करने वाली व्यापारी आंचल गुप्ता ने बताया कि गैस नहीं मिल रही है. यह एक बड़ी समस्या है. अयोध्या में हर दिन लाखों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं. हर श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध कराना, भोजन और पानी की व्यवस्था करना हमारा काम है, लेकिन अब इस पर भी संकट के बादल छाने लगे हैं.

गैस सिलेंडर को लेकर संत-महंत भी परेशान

आंचल गुप्ता ने बताया कि मैंने कोयले की भट्टी का ऑडर दे दिया है. उमीद है कि कल तक वो मिल जाएगी. देखते हैं इस समस्याओं का कब तक समाधान होगा? वहीं व्यापारियों के साथ-साथ अयोध्या के संत-महंत भी गैस की किल्लत को लेकर परेशान दिखाई दे रहे हैं. आज संतों ने बैठक कर इस समस्या से निपटने के लिए आगे की रणनीति तैयार की.

संत समाज ने DM से की मुलाकात

एक दिन पहले संत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे से मुलाकात की थी. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से कहा था कि गैस की उपलब्धता न होने से मठ-मंदिरों में भोजन, प्रसाद धीरे-धीरे बंद हो रहा है. इसलिए कम से कम मठ-मंदिरों में भोजन और प्रसाद के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराएं.

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