Sanskrit Exam Controversy: संस्कृत परीक्षा में ‘पंडित’ वाली पहेली पर भड़के अखिलेश यादव; कहा- ‘सत्ता के इशारे पर हो रहा सब’
यूपी SI भर्ती परीक्षा के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग की 7वीं संस्कृत परीक्षा में 'पंडित' वाली पहेली पर विवाद छिड़ गया है. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इसे 'समाज विशेष का जानबूझकर अपमान' बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के इशारे पर प्रश्नपत्रों में ऐसे सवाल डाले जा रहे हैं जो एक खास वर्ग को निशाना बना रहे हैं.
यूपी SI भर्ती परीक्षा में पंडित वाले सवाल पर बवाल अभी थमा नहीं था कि नया विवाद सामने आ गया है. ताजा मामला बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से संचालित परिषदीय स्कूलों में 7वीं की संस्कृत परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें एक पहेली ‘बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है परंतु पण्डित नहीं है पूछी गई. इस पर बवाल मचा हुआ है, जिस पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश ने कहा, प्रदेश में फिर हुआ… एक समाज विशेष का अपमान. इससे साबित हो गया है कि ये सब जानबूझकर सत्ता के इशारे पर हो रहा है.असली सवाल केवल प्रश्न पर नहीं बल्कि इस बात पर भी उठना चाहिए कि क्या प्रश्न पत्र बनाने वाले लोगों में भी सत्ता सजातीय लोगों को डाल दिया गया है. अगर जानबूझकर टारगेट किये गए पीड़ित समाज का कोई भी व्यक्ति उस कमेटी में होता तो क्या ऐसा विकल्प बनाया जाता.
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा, कल को ऐसा प्रश्नपत्र बन सकता है-
- हाता नहीं भाता कहावत है या मुहावरा, अर्थ सहित समझाइए
- एक समाज विशेष की बैठकों पर नोटिस किसने दिया?
- कुंभ मेले में शंकराचार्य जी के स्नान की सनातनी परंपरा किसने तुड़वाई?
- एक नव विवाहित को निरपराध किसने जेल में रखा?
- एक ग़रीब मां-बेटी की झोपड़ी में आग लगवाने और उसमें ज़िंदा जल जाने की घटना किसके शासन काल में हुई?
- एक समाज विशेष के सम्मानित व्यक्ति की मूरत किसने नहीं लगने देने के लिए चबूतरा तोड़क कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई?
- बाराबंकी में किसने, किसकी पिटाई करवाई और उसका निहित उद्देश्य व मूल संदेश क्या और किसको था?
- हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कौन लोग देशद्रोही या खलनायक की भूमिगत भूमिका में थे?
- वनस्पतिवादी किसको कहा जाता है?
- मुक़दमा वापसी को उदाहरण सहित समझाइए.
शिक्षक संघ ने भी जताई नाराजगी
इस मामले को लेकरशिक्षक संघ ने भी नाराजगी जताई है और कार्रवाई की मांग की है. बता दें कि यह मामला पुलिस भर्ती परीक्षा में जातिगत विकल्प विवाद के बाद सामने आया है, जिसमें ‘पंडित’ का प्रयोग अवसरवादी अर्थ में करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी.परिषदीय स्कूल उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सरकारी प्राथमिक (कक्षा 1-5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8) विद्यालय हैं. ये राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित और नियंत्रित होते हैं.