Bakrid 2026: गाजियाबाद में बकरों की कीमतों में 50% उछाल, बाजार पड़े फीके

गाजियाबाद में बकरा ईद से पहले महंगाई की मार। ईंधन और चारे के दाम बढ़ने से बकरे 40-50% तक हुए महंगे। कैला भट्टा और डासना की मंडियों में ग्राहकों की कमी।

गाजियाबाद । भीषण गर्मी और महंगाई के चलते जिले के बकरा बाजार भी फीके नजर आ रहे हैं। दिन में दो-चार ग्राहक ही नजर आ रहे हैं। वहीं, इस बार बकरे 40 से 50 फीसदी तक महंगे हुए हैं, जिससे खरीदारों की संख्या कम हुई है। 28 मई को कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा यानि बकरा ईद मनाई जाएगी। इसमें अब केवल तीन दिन बचे हैं, लेकिन इस बार बकरा बाजार की रौनक जरा कम है। गाजियाबाद में कैला भट्टा, मिर्जापुर, इस्लाम नगर, डासना, शहीद नगर समेत अन्य स्थानों पर बकरा बाजार लगता है। यहां अलवरी, तोतापुरी, बर्रा, बरबरी नस्ल समेत देशी बकरे बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा दुम्मा, भेड़ और बछड़ा भी बाजार में उपलब्ध हैं। मगर ग्राहकों की कमी के चलते यह बाजार सूने दिखाई दे रहे हैं, जबकि इन दिनों में बकरा खरीदारों की भीड़ रहती है。

बकरे की खरीद में कमी

कैला भट्ठा में बकरे बेचने आए यूसुफ सैफी ने बताया कि गर्मी और महंगाई दोनों ही वजह से इस बार बकरों की खरीद कम हो रही है। इस बार ईंधन महंगा होने से बकरों को लाने ले जाने और उन्हें पालने का खर्चा भी बढ़ गया है, जिससे बकरों की कीमत बढ़ी है। बकरा विक्रेता मो. शाहवेज ने बताया कि बकरों को खिलाने के हरा चारा जो पहले 30-50 रुपये किलो था वह अब 50 से लेकर 80 रुपये तक मिल रहा है। इसके अलावा चना, बाजरा, जौ, मटरा आदि की कीमत भी बढ़ी है। ऐसे में बकरों की कीमत बढ़ना लाजिमी है।

महंगाई के चलते कुर्बानी में बढ़ेगी हिस्सेदारी

बीते वर्ष और इस वर्ष बकरे की कीमतों में अंतरः

बीते वर्ष इस वर्ष

10-12 हजार रुपये 15 से 20 हजार रुपये

25-30 हजार रुपये 40-50 हजार रुपये

50 से 60 हजार रुपये 65 से 80 हजार रुपये

महंगाई के चलते कुर्बानी में बढ़ेगी हिस्सेदारी

बकरे महंगे होने के चलते इस बार कुर्बानी में हिस्सेदारी बढ़ना तय है। कैला भट्टा पर बकरा खरीदने पहुंचे इस्लाम नगर निवासी बाबू खान ने बताया कि इस बार बकरे बहुत ही महंगे हैं और बजट कम है। ऐसे में बकरा खरीदना मुश्किल ही लग रहा है। अब कुर्बानी में हिस्सा ही डालूंगा, जिसमें सात हिस्से होते हैं।

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