Greater Noida Kidnapping Case: कुत्ते की सीसीटीवी फुटेज से सुलझी GST सलाहकार के अपहरण की गुत्थी, बिसरख पुलिस ने 5 को दबोचा
बिसरख पुलिस ने जीएसटी सलाहकार का अपहरण कर ₹29 लाख की फिरौती वसूलने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
ग्रेटर नोएडा: बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी पुलिस और जीएसटी अधिकारी बनकर जीएसटी सलाहकार को अगवा कर 29 लाख रुपये की फिरौती वसूलने वाले गिरोह का बिसरख कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। महंगे शौक और कर्ज में डूबे आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए करीब छह महीने तक रेकी की थी।
बुधवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फिरौती की रकम के ₹29 लाख (₹24.50 लाख नकद और ₹4.50 लाख के सोने-चांदी के आभूषण), दो कारें, 7 मोबाइल फोन तथा दिल्ली सिविल डिफेंस व यूपी पुलिस की नकली वर्दियां बरामद की हैं।
🚔 गिरफ्तार आरोपियों की पहचान: मुख्य आरोपी को था महंगी रील्स बनाने का शौक
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजनौर निवासी कशिश चौहान उर्फ ईशु, दिल्ली निवासी राजेश पवार, मथुरा निवासी विवेक शर्मा, देवरिया निवासी अंकित शाही और एटा निवासी अंशुल के रूप में हुई है:
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मुख्य आरोपी की करतूत: मुख्य आरोपी कशिश चौहान उर्फ ईशु सलारपुर में किराये के मकान में रहता था। उसे सोशल मीडिया पर महंगी रील्स बनाने का शौक था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह फिरौती के पैसों से फ्लाइट पकड़कर बेंगलुरु घूमने गया था और बरेली में अपनी महिला मित्र से भी मिला था।
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फरार आरोपी: कशिश का भाई लवली (जो स्पा सेंटर चलाता है) और उसका साथी चांद अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। वारदात में अंकित और अंशुल की कारों का इस्तेमाल रेकी और वारदात को अंजाम देने में हुआ था।
🚗 20 जुलाई की घटना: 10 थानों की सीमा से गुजरी कार, किसी का ध्यान नहीं गया
दर्ज शिकायत के मुताबिक, 20 जुलाई को जीएसटी सलाहकार संदीप कुमार अपनी सोसाइटी से कार में निकले थे। कार में उनका पालतू कुत्ता और लैपटॉप मौजूद था:
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ब्लैकमेलिंग और वसूली: रास्ते में आरोपियों ने अपनी कार पीड़ित की गाड़ी के आगे लगा दी। फर्जी पुलिस व जीएसटी अधिकारी बनकर वे संदीप की कार में सवार हो गए। कार करीब 10 थाना क्षेत्रों से होकर गुजरी, लेकिन किसी का ध्यान नहीं गया।
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फिरौती: आरोपियों ने फर्जी ई-वे बिल और वेरिफिकेशन के नाम पर केस दर्ज करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया और 29 लाख रुपये वसूल कर उन्हें छोड़ दिया।
🐕 पालतू कुत्ते की CCTV फुटेज ने खोला राज: अर्टिगा कार के भ्रम को दूर कर पुलिस पहुंची गिरोह तक
मामले के खुलासे में पीड़ित के पालतू कुत्ते ने अहम भूमिका निभाई:
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पेट्रोल पंप का सीसीटीवी: पीड़ित ने पुलिस को सफेद रंग की अर्टिगा कार की जानकारी दी थी, लेकिन जांच में पता चला कि कार अर्टिगा नहीं थी। आरोपियों ने पीड़ित की कार में मौजूद पालतू कुत्ते को अपने साथियों की कार में शिफ्ट कर दिया था।
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पहचान: नोएडा के एक पेट्रोल पंप पर जब आरोपी ईंधन भरवाने रुके, तो सीसीटीवी फुटेज में कार की पिछली सीट पर पालतू कुत्ता दिखाई दिया। इसी सुराग के जरिए पुलिस आरोपियों की सही कार और उनकी लोकेशन तक पहुंचने में कामयाब रही।
⚖️ पुलिस का रुख और हवाला लेन-देन की जांच: जीएसटी विभाग को भी भेजा जाएगा पत्र
वारदात के बाद पीड़ित ने करीब 4 घंटे की देरी से डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी:
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पुलिस का दावा: पुलिस का कहना है कि पीड़ित जीएसटी चोरी का मामला निपटाने के इरादे से खुद आरोपियों के साथ कार में घूमता रहा था और पैसे देने के बाद वापस लौटा।
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हवाला कनेक्शन: पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि फिरौती की रकम का इंतजाम कहीं हवाला के जरिए तो नहीं किया गया था। जांच में यह बात भी सामने आई है कि पीड़ित उद्यमियों से जीएसटी चोरी का सेटलमेंट करने के नाम पर मोटी फीस लेता था। इसके सबूत मिलने के बाद अब पुलिस इस संबंध में आधिकारिक जांच के लिए जीएसटी विभाग को पत्र लिखने जा रही है।