India Forex Reserve: दो हफ्ते की गिरावट के बाद बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार, जानें आंकड़े
देश के विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर आई राहत की खबर। दो सप्ताह की लगातार गिरावट के बाद फॉरेक्स रिजर्व 93.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 682.32 अरब डॉलर पहुंचा।
देश के फॉरेक्स रिजर्व को लेकर दो हफ्ते के बाद गुड न्यूज आई है. आरबीआई की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार देश के फॉरेक्स रिजर्व में इजाफा देखने को मिला है. बीते दो हफ्तों में देश के फॉरेक्स रिजर्व में लगातार गिरावट देखने को मिली थी. इस दौरान विदेशी खजाने से 15.61 अरब डॉलर कम हो गए थे. अब जब इसमें इजाफा देखने को मिला है, वो काफी राहत की खबर है. जानकारों की मानें तो इस संकट की घड़ी में देश का फॉरेक्स रिजर्व ही देश के लिए बड़ा सहारा है. देश कई जरूरी सामान इंपोर्ट करता है. जिसके लिए फॉरेक्स रिजर्व का भरपूर रहना काफी जरूरी है. ऐसे में इसे बचाने के लिए कुछ हफ्तों पहले देश के प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से अपील भी की थी. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर देश के फॉरेक्स रिजर्व में कितना इजाफा हुआ है. साथ ही देश का फॉरेक्स रिजर्व कितना हो गया है.
फॉरेक्स रिजर्व में बढ़ोतरी
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 28 मई को समाप्त सप्ताह में 93.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 682.32 अरब डॉलर हो गया. इसके एक सप्ताह पहले यह भंडार 7.51 अरब डॉलर घटकर 681.38 अरब डॉलर रह गया था. इस वर्ष 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था. लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और डॉलर के मुकाबले रुपये के दबाव में आने से इस भंडार में कई सप्ताह तक गिरावट दर्ज की गई. वैसे बीते दो हफ्तों में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में काफी कमी आ चुकी थी. 15 जून को आई रिपोर्ट के अनुसार देश का फॉरेक्स रिजर्व 696.99 अरब डॉलर था. जिसमें 29 जून तक 15.61 अरब डॉलर की गिराावट आ चुकी थी.
करेंसी असेट्स में इजाफा
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 29 मई को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 3.12 अरब डॉलर बढ़कर 546.15 अरब डॉलर हो गईं. डॉलर के संदर्भ में व्यक्त ये विदेशी मुद्रा आस्तियां यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य मुद्राओं के मूल्य परिवर्तन के प्रभाव को भी शामिल करती हैं. आरबीआई ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में देश का स्वर्ण भंडार 2.18 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 112.6 अरब डॉलर रह गया. विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 18.75 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रहे, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित स्थिति 80 लाख डॉलर बढ़कर 4.82 अरब डॉलर हो गई.