करनाल: घरौंडा टोल पर शुरू होगा MLFF सिस्टम, अब बिना रुके सफर

करनाल के घरौंडा टोल प्लाजा पर 23 जून से MLFF सिस्टम लागू। अब बिना बैरियर के गुजर सकेंगी गाड़ियां। जानें कैसे कटेगा टोल और फास्टैग नियमों में क्या हुआ बदलाव।

करनाल : करनाल में कल 23 जून से घरौंडा टोल प्लाजा पर MLFF शुरू होने जा रहा है। ये देश का चौथा MLFF होगा। जिसके जरिए गाड़ियों को अब टोल प्लाजा पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा और गाड़ियां बिना रुके जा सकेगी। टोल प्लाजा पर अब कोई बैरियर भी नहीं होगा जिससे बिना ब्रेक लगाए, बिना रुके गाड़ियां जा सकेगी। जिसका फायदा आम पब्लिक को होगा। गाड़ियों का पेट्रोल बचेगा, समय बचेगा, किसी के साथ कोई लड़ाई झगड़ा नहीं होगा, जो अक्सर देखने को मिलता था। दो MLFF सिस्टम दिल्ली से चंडीगढ़ और दो चंडीगढ़ से दिल्ली की तरफ लगे हुए हैं। जिनमें कुल 32 कैमरे हैं और NPR सिस्टम के साथ ये काम करेंगे।

बताया जा रहा है कि जब गाड़ी निकलेगी तो फास्ट टैग को वो NPR सिस्टम कैप्चर कर लेगा और आपका टोल कट जाएगा। सरकार की तरफ से जो भी स्कीम है या फिर मंथली और साल का पास है वो इस पर वैलिड रहेगा, लोकल लोगों के लिए भी जो पास होगा वो वैलिड होगा, बस उन्हें एक बार आकर गाड़ी रजिस्टर करवानी होगी। इसलिए सभी लोग अपनी गाड़ी पर फास्ट टैग लगा लें, अगर किसी की गाड़ी पर फास्ट टैग नहीं है तो उसकी गाड़ी के नंबर के जरिए उस गाड़ी के मालिक के पास एक मैसेज आएगा जो कि ई नोटिस होगा जिसके जरिए वो अपना टोल 72 घंटे में भर सकता है और वो अगर 72 घंटे में टोल नहीं भरता है तो फिर उसे दोगुना टोल ई नोटिस के जरिए भरना होगा। वहीं अगर कोई अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करता है तो वो कैमरे आपकी गाड़ी की फोटो लेकर आरटीओ विभाग के पास भेजेंगे और फिर आपका ई चालान भी आएगा।

वहीं एबुलेंस और फायर ब्रिगेड और जिन गाड़ियों को सरकार की तरफ से ऑथराइज्ड होंगी, उनको ई नोटिस नहीं आएगा। सरकारी गाड़ियों के चालक के लिए भी संदेश है कि अगर उन्हें सरकार की तरफ से फास्ट टैग मिलता है तो वो लगवा लें अन्यथा आपका ई नोटिस आपके मोबाइल पर आ जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि फास्ट टैग लगवा लें, अन्यथा ई नोटिस आएगा और नंबर प्लेट भी सही कर लें अन्यथा RTO विभाग चालान भी भेजेगा। वहीं किसी को इस बात से शिकायत है कि उन्हें ई नोटिस गलत आया है तो वो उसी लिंक पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकता है, अगर उसका कारण वैलिड होगा तो उसे ई नोटिस नहीं भरना होगा। देखते हैं ये सिस्टम कितना कारगर साबित होता है।

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