गुरुग्राम कोर्ट, डीसी ऑफिस और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, एफआईआर दर्ज
गुरुग्राम में कोर्ट, डीसी ऑफिस और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मामले में साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आईपी एड्रेस की जांच शुरू कर दी है।
गुड़गांव : खालिस्तानी समर्थकों द्वारा 31 जुलाई को गुरुग्राम के कोर्ट, डीसी ऑफिस और तीन स्कूलों में बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने जांच करते हुए पांच दिन बाद साइबर थाना ईस्ट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह केस हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल बालियावास के प्रतिनिधि जगदीश चंद्र की लिखित शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3), 351(4) और 353(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उस ईमेल आईडी के आईपी एड्रेस और ओरिजिन को खंगालने में जुटी है, जिससे स्कूलों को धमकी भरा मेल भेजा गया था।
पुलिस के मुताबिक, 31 जुलाई शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे प्रशासनिक अधिकारियों, कोर्ट बार एसोसिएशन और स्कूलों को एक साथ ईमेल भेजकर धमकी दी गई। ईमेल में लिखा था कि स्कूलों में वंदे मातरम बोलना बंद करो, नहीं तो 15 अगस्त तक स्कूलों में बम धमाके ही धमाके होंगे। वंदे मातरम बोलना बंद करो, खालिस्तान जिंदाबाद बोलो। सुबह करीब साढ़े दस बजे जैसे ही अधिकारियों ने ई-मेल देखा, तुरंत जिला पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने लघु सचिवालय , अदालत परिसर, श्री राम स्कूल और हेरिटेज स्कूल में सघन चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला।
ईमेल भेजने वाले ने बाकायदा समय तय कर धमाके करने का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें डीसी ऑफिस के लिए दोपहर 3:11 बजे, स्कूलों के लिए 1:11 बजे, हरियाणा कोर्ट के लिए 2:11 बजे और दिल्ली संसद के लिए शाम 4:11 बजे का वक्त लिखा गया था। साथ ही सीजेपी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की गई थी और मेल के अंत में खालिस्तान नेशनल आर्मी से गुरअंख सिंह और रुकन शाहवाला के नाम दर्ज थे।
धमकी के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, जिसके बाद जिला बार एसोसिएशन ने तुरंत नो वर्क का आह्वान करते हुए अधिवक्ताओं से सुरक्षा कारणों से अदालत खाली करने की अपील की। शुक्रवार को शहीद ऊधम सिंह जयंती की छुट्टी के कारण अधिकांश स्कूल बंद थे। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और ईमेल भेजने वाले शातिर आरोपी का जल्द पता लगा लिया जाएगा। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा।