ग्रेटर नोएडा: इंजीनियर युवराज को बचाने का दावा करने वाला मुनेंद्र भाई सहित गिरफ्तार
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने की कोशिश का दावा करने वाला पूर्व डिलीवरी बॉय मुनेंद्र रंगदारी मांगने के आरोप में भाई सहित गिरफ्तार।
ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने की कोशिश करने वाले डिलीवरी ब्वॉय मुनेंद्र और उसके भाई नरेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि रेस्टोरेंट संचालकों और ठेली वालों ने मुनेंद्र और उसके भाई पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। इसके बाद दोनों की गिरफ्तारी की गई है।
नॉलेज पार्क थाना पुलिस के मुताबिक, गढ़ी समस्तीपुर गांव के रहने वाले मुनेंद्र और उसके भाई नरेंद्र के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दोनों भाई रेस्टोरेंट संचालकों और ठेली वालों को डरा-धमकाकर 20 से 25 हजार रुपये महीने की रंगदारी मांगते हैं। रकम नहीं देने पर धमकी दी जाती है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया और कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दोनों भाइयों को सेक्टर-150 के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने गुरुवार की शाम दोनों भाइयों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी मुनेंद्र पर पूर्व में गुंडा ऐक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस ने मुनेंद्र के पूर्व के अपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी दी है।
युवराज को बचाने की काेशिश के बाद चर्चा में आया
दरअसल, 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की इस साल 16 जनवरी की रात को नोएडा के सेक्टर 150 में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में गिरकर डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद डिलीवरी ब्वॉय मुनेंद्र सुर्खियों में आया था। मुनेंद्र ने दावा किया था कि घटना की रात उसने पानी में कूदकर इंजीनियर को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन वह उसे बचा नहीं पाया। मुनेंद्र ने घटना को लेकर सिस्टम पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद यह मामला काफी चर्चित हुआ था। इस घटना को लेकर इंजीनियर युवराज के पिता राजकुमार ने भी मुनेंद्र की बहादुरी का जिक्र करते हुए कहा था कि मुनेंद्र ने उनके बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनके बेटे को बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद मुनेंद्र ने डिलीवरी ब्वॉय की नौकरी छोड़ दी थी। फिलहाल वह सोशल मीडिया पर वीडियो बना रहा था।
रुपये लेते वीडियो भी हुआ था वायरल
गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी महीने में ही मुनेंद्र का रुपये लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मुनेंद्र ने इसे उसे फंसाने की साजिश बताया था। युवराज की मौत के बाद चश्मदीद मुनेंद्र ने मीडिया के सामने बयान दिया था कि सरकारी सिस्टम ने युवराज को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। सोशल मीडिया पर मुनेंद्र को पुलिस के खिलाफ बोलने के लिए रुपये देते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रुपये देने वाला व्यक्ति कह रहा है कि तुम पुलिस के खिलाफ जमकर बोलो तुम्हें और रुपये दिए जाएंगे।