गाजियाबाद: UPSIDA का बड़ा एक्शन, अवैध किराएदारी पर 55 भूखंडों को नोटिस
यूपीसीडा ने गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध किराएदारी पर 55 प्लॉट धारकों को दिया नोटिस। साहिबाबाद हादसे वाले भूखंड का आवंटन निरस्त।
गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध किराएदारी का खेल चल रहा है। इसका खुलासा प्राधिकरण की सर्वे रिपोर्ट से हुआ, जिसमें 55 भूखंडों पर अवैध किराएदारी मिली है। साथ ही साहिबाबाद क्षेत्र के एक भूखंड़ का आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह वही भूखंड है, जिसमें पिछले दिनों बॉयलर फटने से दो कामगारों की जान चली गई थी। यूपीसीडा के गाजियाबाद में कुल 11 औद्योगिक क्षेत्र हैं। इन सभी क्षेत्रों में अवैध किराएदारी का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। शासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि औद्योगिक भूखंडों को खुद इस्तेमाल करने के बजाय ऊंचे दामों पर किराए पर देकर मुनाफा कमाया जा रहा है। इसके बाद इन्वेस्ट यूपी की विशेष टीम ने फरवरी माह में गाजियाबाद, साहिबाबाद, लोनी और ट्रानिका सिटी का सर्वे किया, जिसमें ऐसी दर्जनों इकाइयां चिह्नित की गईं जो नियमों के विपरीत अवैध किराएदारी पर चल रही थीं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यूपीसीडा ने पहले सभी संबंधित आवंटियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने और लापरवाही सिद्ध होने पर निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध किराएदारी का खेल
हादसे ने खोली थी पोल, सुरक्षा मानक भी थे गायब
सुरक्षा मानक की अनदेखी
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र के जिस भूखंड पर आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई है, वहां चल रही अवैध फैक्टरी में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही थी। पूर्व में हुए बॉयलर विस्फोट में दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में पाया गया कि आवंटन की शर्तों को ताक पर रखकर यह भूखंड किराए पर दिया गया था और वहां बिना किसी वैध लाइसेंस या सुरक्षा जांच के खतरनाक काम हो रहा था। हादसे के बाद से ही प्रशासन और यूपीसीडा पर कार्रवाई का भारी दबाव था।
उल्लंघन और कार्रवाई
औद्योगिक भूखंडों को किराए पर देना आवंटन शर्तों का सीधा और गंभीर उल्लंघन है। ये भूखंड केवल स्वयं की इकाई स्थापित करने के लिए दिए जाते हैं। किराएदारी पर देने से सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी होती है। इन्हें नोटिस जारी किए हैं। वहीं, पिछले दिनों साहिबाबाद में बॉलर विस्फोट में दो श्रमिकों की मौत हुई थी। इस भूखंड की जांच की तो यह किराएदारी पर था। ऐसे में इसका आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।