चंडीगढ़ नगर निगम: हाउस बैठक में हंगामा, पार्किंग का प्रस्ताव खारिज
चंडीगढ़ नगर निगम की 362वीं बैठक में हंगामा। मुफ्त पानी, दूषित पानी और पार्किंग शुल्क पर विपक्ष का विरोध। 17 प्रस्तावों को मिली मंजूरी।
चंडीगढ़: नगर निगम की 362वीं हाउस बैठक सोमवार को राजनीतिक हंगामे के बीच हुई. बैठक शुरू होते ही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का वादा पूरा नहीं करने का मुद्दा उठाया. इसके साथ ही भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र मल्होत्रा की पंजाबियों पर कथित टिप्पणी को लेकर भी विपक्ष ने जमकर विरोध किया और माफी की मांग की. जवाब में भाजपा पार्षदों ने भी कांग्रेस और आप पर निशाना साधा, जिससे सदन में काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही.
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा: बैठक के दौरान मेयर ने शहर के बिल्डिंग बायलॉज का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि 1952 के पंजाब एक्ट के तहत बिल्डिंग बायलॉज के अधिकार चंडीगढ़ प्रशासन के पास थे, लेकिन 1996 में नगर निगम बनने के बाद इन्हें निगम को सौंप देना चाहिए था. उनका कहना था कि आज भी ये अधिकार प्रशासन के पास हैं, जिससे निगम कई मामलों में स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले पा रहा. मेयर ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर जल्द ही यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी बात करेंगे.
पार्किंग का नया प्रस्ताव खारिज: बैठक में शहर की 89 पार्किंग को नए सिरे से ठेके पर देने और घंटे के हिसाब से पार्किंग शुल्क लागू करने का प्रस्ताव भी आया, लेकिन इसे सदन ने खारिज कर दिया. प्रस्ताव के तहत जितनी देर वाहन पार्क रहता, उसी हिसाब से शुल्क लिया जाना था. इसके साथ ई-टिकटिंग, सीसीटीवी निगरानी, बूम बैरियर और स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू करने की भी योजना थी.
नगर निगम अधिकारियों का कहना था कि मौजूदा व्यवस्था में कई लोग सुबह वाहन खड़ा कर पूरे दिन वहीं छोड़ देते हैं, जिससे पार्किंग पर दबाव बढ़ता है. हालांकि तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी और इसे मंजूरी नहीं मिली
बैठक में दूषित पानी का मुद्दा भी छाया: प्रश्नकाल के दौरान शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी हंगामा हुआ. सेक्टर-40 के पार्षद गुरबख्श रावत ने अपने वार्ड में दूषित पानी की सप्लाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि खराब पानी पीने से एक महिला की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई. उन्होंने मामले की जांच की मांग की. पार्षदों ने पानी के टैंकरों की गुणवत्ता, एक टंकी में कीड़े मिलने की शिकायत और खराब पड़े ट्यूबवेलों की मरम्मत में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए.
17 प्रस्तावों को मिली मंजूरी: हाउस में कुल 20 मुख्य एजेंडे रखे गए. इनमें से 17 प्रस्ताव मंजूर कर लिए गए, जबकि तीन प्रस्ताव लंबित रखे गए. इनमें पानी की सप्लाई, सीवरेज, पेवर ब्लॉक और लेज़र वैली से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं. बैठक में एक अहम फैसला यह भी लिया गया कि अब नगर निगम कर्मचारियों पर भी चंडीगढ़ प्रशासन की तरह सेंट्रल सर्विस नियम लागू होंगे. अब तक निगम में पंजाब सर्विस नियम लागू थे.
निगम के बाहर भी कांग्रेस का प्रदर्शन: हाउस बैठक के दौरान नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. उन्होंने 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का वादा जल्द लागू करने की मांग की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह जनता से किया गया चुनावी वादा था और इसे पूरा किया जाना चाहिए.