सोते समय मुंह से लार क्यों आती है? जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

सोते समय मुंह से लार निकलना क्या सामान्य है? एक्सपर्ट्स से जानें इसके पीछे के कारण, जैसे एलर्जी, स्लीप एपनिया और बचाव के लिए सही टिप्स।

रात में सोते समय बहुत से लोग पेट के बल लेटे होते हैं. दिक्कत तब महसूस होती है जब उठते समय तकिए या गद्दे पर मुंह से लार निकली हुई पाई जाए. इस कंडीशन को नॉर्मल समझा जाता है लेकिन अगर ऐसा रेगुलर हो रहा है तो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. छोटे बच्चों के साथ ऐसा हो तो इसे पेट में कीड़े से जोड़ दिया जाता है. प्रॉब्लम तब महसूस होती है जब किसी बड़े बच्चे या वयस्कों के साथ ऐसा हो रहा हो. एक्सपर्ट कहते हैं कि जब हम सोते हैं तो हमारे चेहरे और मुंह की मसल्स रिलैक्स हो जाती है.

ऐसे में अगर कोई करवट लेकर या पेट के बल सोता है तो उसे ये लार बाहर आने की दिक्कत होती है. आखिर ऐसा क्यों होता है और इसे कंट्रोल करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं…

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉक्टर लवलीन शर्मा (कंसलटेंट चेस्ट फिजिशियन (पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन), कैलाश दीपक हॉस्पिटल) कहते हैं कि कई लोग सुबह उठते हैं और देखते हैं कि तकिया गीला हो गया है या मुंह से लार निकल गई थी. फिर उन्हें लगता है कि कहीं कोई बीमारी तो नहीं है. लेकिन ज़्यादातर बार ऐसा होना बिल्कुल नॉर्मल है. असल में जब हम सोते हैं, तो हमारे चेहरे और मुंह की मसल्स रिलैक्स हो जाती हैं. अगर आप करवट लेकर या पेट के बल सोते हैं, तो कई बार लार मुंह से बाहर निकल जाती है, क्योंकि उस समय वो अपने आप निगली नहीं जाती.

सर्दी या एलर्जी के कारण

लेकिन अगर पहले कभी ऐसा नहीं होता था और अचानक बहुत ज्यादा लार आने लगी है, या इसके साथ और भी दिक्कतें हैं, तो इसे हल्के में मत लीजिए. कई बार सर्दी या एलर्जी की वजह से नाक बंद हो जाती है, फिर हम मुंह से सांस लेने लगते हैं और लार ज्यादा निकलने लगती है. कुछ लोगों में ऐसा स्लीप एपनिया की वजह से भी होता है, जिसमें सोते समय बार बार सांस रुकती है. वहीं अगर निगलने में दिक्कत हो या नसों और मसल्स से जुड़ी कोई प्रॉब्लम हो तब भी ऐसा हो सकता है.

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए

इसलिए सिर्फ लार आने को देखकर घबरना नहीं चाहिए. ये भी देखना चाहिए कि क्या आपको बहुत खर्राटे आते हैं? क्या नींद में सांस रुकती है या हांफते हुए आंख खुलती है? क्या खाना निगलने में दिक्कत होती है? क्या बोलने में बदलाव आया है या शरीर में कमजोरी लग रही है? अगर इनमें से कुछ भी हो रहा है, तो डॉक्टर को जरूर दिखाइए.

इन बातों का रखें ध्यान

अगर कभी कभी ही ऐसा होता है, तो नाक की दिक्कत का इलाज कराएं.

सोने की पोजीशन बदलकर देखिए

मुंह की साफ सफाई का ध्यान रखिए. लेकिन अगर ये बार बार होने लगे या आपको परेशान करने लगे, तो वजह पता करने के लिए डॉक्टर से मिलना सबसे सही रहता है.

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