जालौन: शादी में खूनी संघर्ष, दबंगों ने दूल्हे और बारातियों को पीटा; रुकी रस्में
जालौन के उरई में द्वारचार के दौरान दूल्हा पक्ष पर हमला। दुल्हन के रिश्तेदारों पर मारपीट का आरोप। मंडप में बैठी रही दुल्हन, दूल्हे पक्ष ने शादी की रस्में रोकीं।
जालौन जनपद के उरई शहर के करमेर रोड़ स्थित अष्टिका गेस्ट में एक शादी समारोह उस समय हिंसा में बदल गया, जब द्वारचार की रस्म के दौरान दूल्हा पक्ष पर दबंगों ने अचानक हमला कर दिया. इस हमले में दूल्हे, उसके पिता, भाई समेत कई बाराती घायल हो गए. घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और खुशियों का माहौल तनाव में तब्दील हो गया. वहीं, इस घटना के बाद दूल्हे पक्ष ने सुबह तक शादी की कोई भी रस्म अदा नहीं की. दुल्हन मंडप में अपने विवाह का इंतजार करती रही.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिरही निवासी प्रदीप कुमार पाल ने बताया कि उनके भाई की शादी उरई स्थित अष्टिका गेस्ट हाउस में हो रही थी. दुल्हन के पिता अखिलेश सिंह पाल, जो मूल रूप से पथरेटा के निवासी हैं और वर्तमान में उरई के राजेंद्र नगर में रहते हैं, उनकी बेटी के साथ यह विवाह समारोह आयोजित था. रात में द्वारचार की तैयारियां चल रही थीं, तभी अचानक 10 से 20 युवक मौके पर पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट कारण के दूल्हा पक्ष के लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी.
प्रदीप कुमार पाल के अनुसार, हमलावरों ने सबसे पहले उनके पिता और दूल्हे भाई को खींचकर पीटना शुरू किया, उसके बाद उन्हें भी निशाना बनाया गया. इतना ही नहीं, अन्य बारातियों को भी नहीं छोड़ा गया और उनके साथ भी जमकर मारपीट की गई. इस हमले में दूल्हे पक्ष के चार से पांच लोग घायल हुए हैं.
हमलावर दुल्हन के रिश्तेदार
उन्होंने बताया कि शादी के दौरान किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था, इसके बावजूद यह हमला किया गया. प्रदीप ने आरोप लगाया कि हमलावर दुल्हन पक्ष की बुआ के लड़के थे, जिनके पिता मूलचंद दादरी थाना आटा क्षेत्र के निवासी हैं. उन्होंने कुछ आरोपियों के नाम भी बताए, जिनमें अवधेश, मलखान, संतोष, संदीप, काशीराम, लालू और मुन्ना शामिल हैं.
इस घटना के बाद सुबह तक शादी की कोई भी रास नहीं अदा की गई और दुल्हन मंडप में शादी की रस्म के लिए बैठी रही, वहीं दूल्हे पक्ष के लोगों का कहना है कि जब तक वह अपने रिश्तेदार और उनका इलाज नहीं कर लेते और आरोपियों को पकड़ नहीं जाता तब तक वह शादी की रस्म में अदा नहीं करेंगे.
…इसलिए की गई मारपीट
प्रदीप ने यह भी बताया कि इससे पहले जब दुल्हन पक्ष के लोग तिलक लेकर उनके गांव आए थे, तब केवल इतना कहा गया था कि जिस प्रकार उनका स्वागत किया गया है, उसी प्रकार बारात में भी उनके रिश्तेदारों के साथ उचित व्यवस्था की जाए, ताकि किसी प्रकार का अपमान न हो. इसी मामूली बात को लेकर बाद में इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया और बेरहमी से मारपीट की गई.
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह स्थिति को काबू में किया गया. सूचना मिलने पर उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया.
इस संबंध में उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है. घायलों का इलाज कराया जा रहा है और मामले की जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.