दिल्ली-गाजियाबाद में ED की रेड: रियल एस्टेट धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग केस
दिल्ली और गाजियाबाद में ईडी की छापेमारी। 'श्रस्थ प्रॉपबिल्ड' के प्रमोटर और हाउसिंग सोसाइटी पर जमीन हड़पने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की हो रही जांच।
दिल्ली और गाजियाबाद के कई ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा है। यहां रियल एस्टेट से जुड़े डेवलपर और कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े अधिकारियों के ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। लखनऊ जोनल ऑफिस की ईडी टीम ने पीएमएलए के तहत यह ऐक्शन लिया है। ईडी ने छापा श्रस्थ प्रॉपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर संदीप सिंह और सेवा सुरक्षा सहकारी आवसा समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में मारा है।
दिल्ली और गाजियाबाद में क्यों छापा मार रही ईडी की टीमें
इस मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को कई इलाकों में जमीन पर अपने अधिकार को छोड़ने के लिए राजी कर लिया था। इसमें यूपी के गाजियाबाद में अकबरपुर, बहरामपुर रिहायशी इलाके में मौजूद करीब 41,544 वर्ग मीटर जमीन पर अपने अधिकार को छोड़ने के लिए आरोपी ने सदस्यों को राजी किया था। आरोपी ने वादा किया था कि जमीन छोड़ने के बदले जब रीडेवलपमेंट होगा, तब इसके बदलने में उन्हें सोसाइटी में फ्लैट दिया जाएगा। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने बाद में सोसाइटी के सदस्यों से मिले डेवलपमेंट के अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया और सोसाइटी की जमीन और उसपर बने फ्लैट को तीसरे पक्ष को बेच दिया। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान किए गए लेन-देन की जांच एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के तहत की जा रही है।
इस मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि फंड की लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत इकट्ठा करने और धोखाधड़ी से हुई कमाई के लेन-देन का पता लगाने के लिए तलाशी ली जा रही है। इससे पहले 24 जून को ईडी ने 493 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अलफलाह ट्रस्ट के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका का कड़ा विरोद किया था। ईडी का कहना था कि आरोपी आपराधिक गतिविधियों से हासिल की गई अवैध कमाई को खत्म कर सकता है या छिपा सकता है।
इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होनी है। अल-फलाह के चेयरमैन सिद्दीकी ने अपनी पत्नी के कैंसर के इलाज के लिए 6 हफ्ते की अंतरिम जमानत की मांग की थी। 17 जून को दिल्ली हाई कोर्ट ने सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर ईडी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले ट्रायल कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सिद्दीकी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।