नया नोएडा: गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नया शहर; कनेक्टिविटी प्लान तैयार

नए नोएडा (DNGIR) को गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी। यूपीडा और NHAI के नए लिंक एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान। जानें पूरा रूट प्लान।

ग्रेटर नोएडा के दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन पर बसने वाले नए नोएडा में सुगम आवागमन के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। इस क्षेत्र को गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। नए नोएडा को कागजों में दादरी-नोएडा-गाजियाबाद-विशेष निवेश क्षेत्र का नाम दिया गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को पत्र लिखकर नए नोएडा क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे से वाहनों को उतारने के लिए कट और चढ़ने के लिए रैंप बनवाने की मांग की जाएगी। इसकी पैरवी शासन स्तर पर भी की जाएगी। इस लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद नए नोएडा की कनेक्टिविटी जेवर में नोएडा एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे के साथ ही आगरा-लखनऊ और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से हो जाएगी।

नए नोएडा क्षेत्र से होकर गुजरेगा लिंक एक्सप्रेसवे

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि नए नोएडा का क्षेत्र जीटी रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। सिकंदराबाद क्षेत्र में इंटरचेंज है, लेकिन जेवर में नोएडा एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हुआ है। यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर 24.8 किलोमीटर की दूरी पर सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास जुड़ेगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे नए नोएडा क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिसका प्रवेश-निकासी के लिए रैंप बनाया जाएगा। इसके लिए आने वाले समय में स्थान का चयन किया जाएगा।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि नए नोएडा के लिए मास्टर प्लान 2041 के तहत चारों ओर ग्रिड रोड बनाई जाएगी, जो 130 मीटर चौड़ी होगी। इस ग्रिड रोड के हिसाब से प्राधिकरण लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी लेगा। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के लिए इस महीने के अंत तक बैठक होने की उम्मीद है। इसमें नए नोएडा के लिए कनेक्टिविटी को लेकर चर्चा होगी।

सड़क किनारे से विकास कार्य शुरू होंगे

प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि नए नोएडा क्षेत्र में सबसे पहले प्रमुख और चौड़ी सड़कों के किनारे विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। यहां से सेक्टर के नियोजन की शुरुआत होगी। ऐसी प्रमुख सड़कों और उनके किनारे की जमीन चिह्नित की गई है। इसके बाद नई सड़कों का निर्माण शुरू करवाया जाएगा।

नए एक्सप्रेसवे में रुचि दिखाई

नोएडा। डीएनडी से सीधे यमुना पुस्ते हुए यमुना एक्सप्रेसवे तक करीब 31 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जाना प्रस्तावित है। अभी तक यूपीडा की सलाहकार एजेंसी एक बार सर्वे भी कर चुकी है। अब एनएचएआई भी इसके लिए आगे आया है। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि एनएचएआई ने इसको बनाने की इच्छा जताई है। जल्द ही एनएचएआई की टीम सर्वे करने आ सकती है। अभी तक यूपीडा की सलाहकार एजेंसी एक बार सर्वे करने आई थी। उसकी फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि दूसरे विकल्प के रूप में सिर्फ पुस्ते पर ही एक्सप्रेसवे बनाया जाना प्रस्तावित है।

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