भिवानी मेडिकल कॉलेज: ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़, सर्वर रहा डाउन

भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में दो दिन की छुट्टी के बाद भारी भीड़। सर्वर डाउन होने से मैनुअल पंजीकरण, मरीजों को हुआ घंटों इंतजार।

भिवानी। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को दो दिन के अवकाश के बाद ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही ओपीडी के बाहर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं और दोपहर दो बजे तक ओपीडी की गलियारों में मरीजों की भीड़ बनी रही। मंगलवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या दो हजार के पार पहुंच गई।

इस दौरान पंजीकरण केंद्र का सर्वर डाउन रहने के कारण मरीजों का पंजीकरण मैनुअल तरीके से किया गया। इससे स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी पंजीकरण करने में अधिक समय लगा। खून जांच पंजीकरण केंद्र पर ओपीडी बंद होने तक मरीजों की भीड़ लगी रही। मरीज प्रीति, रितू, निकिता, भूपेंद्र, सचिन और बिमला ने बताया कि वे सुबह नौ बजे से पहले ही अस्पताल पहुंच गए थे। पहले पर्ची कटवाने में काफी समय लग गया। चिकित्सक से जांच कराने के बाद उन्हें खून जांच कराने के लिए कहा गया लेकिन इसके लिए दोबारा पर्ची बनवानी पड़ी। उन्होंने बताया कि ओपीडी बंद होने में 30 मिनट शेष थे लेकिन तब तक भी उनकी पर्ची नहीं बन सकी थी।
मरीजों ने बताया कि खून जांच पंजीकरण केंद्र पर मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थी प्रशिक्षण के तहत पर्चियां बना रहे थे। इसलिए पर्ची बनाने में अधिक समय लग रहा था। मरीजों ने मांग की कि यहां प्रशिक्षित कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए ताकि पर्चियां जल्दी बन सकें और मरीजों की जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
ओपीडी विभाग के प्रभारी डॉ. राजेश ने बताया कि दो दिन का अवकाश होने के कारण मंगलवार को मरीजों की संख्या सामान्य से अधिक रही। इसके अलावा मरीजों को किसी प्रकार की अन्य समस्या नहीं आ रही है। ओपीडी में प्रतिदिन चिकित्सकीय जांच और खून जांच की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है।
मरीजों ने उठाई प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात करने की मांग
मरीजों का कहना है कि खून जांच पंजीकरण केंद्र पर प्रशिक्षु विद्यार्थियों की ओर से पंजीकरण किए जाने के कारण पर्ची बनने में काफी समय लग रहा है। इससे मरीजों की जांच प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। मरीजों ने मांग की कि भीड़ वाले दिनों में यहां प्रशिक्षित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि पंजीकरण कार्य तेजी से हो सके और मरीजों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
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