भिवानी: ₹20 करोड़ की लागत से तैयार 42 अमृत सरोवरों का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भिवानी के 42 अमृत सरोवरों का उद्घाटन किया। ₹20 करोड़ की लागत से जल संरक्षण और पर्यावरण को मिलेगा बढ़ावा। जानें पूरी डिटेल।

भिवानी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को अंबाला जिले के नारायणगढ़ से अमृत सरोवर प्लस योजना के तहत प्रदेशभर में विकसित 325 अमृत सरोवरों का लोकार्पण किया। इनमें भिवानी जिले के 42 अमृत सरोवर भी शामिल हैं जिन पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। भिवानी में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में उपायुक्त साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में जिलास्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया।

कार्यक्रम में महिला विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दांगी, महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी के प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ भाजपा नेता हरिसिंह सांगवान और प्रदीप गोलागढ़, भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ की प्रतिनिधि के रूप में उनकी धर्मपत्नी प्रेमलता सर्राफ, बवानीखेड़ा विधायक कपूर वाल्मीकि के भाई मास्टर राजेश और विनीत कुमार, एडीसी दीपक बाबूलाल करवा, जिला परिषद के डिप्टी सीईओ रविंद्र दलाल, सीएमजीजी ऋषव रंजन तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमबीर कादयान मौजूद रहे।
डीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में जिले के सभी 42 अमृत सरोवरों का लोकार्पण किया गया। इन तालाबों के आसपास प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइटें लगाई गई हैं और सुंदरीकरण भी कराया गया है। डीसी ने कहा कि अमृत सरोवर योजना के तहत प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता संभव जैन, भिवानी पंचायत समिति के चेयरमैन सीताराम, बहल पंचायत समिति के चेयरमैन विजय फौगाट तथा सत्यनारायण कौशिक भी मौजूद रहे।
अमृत प्लस सरोवरों पर कहां कितना हुआ खर्च
योजना के तहत बवानीखेड़ा, बहल, भिवानी, कैरू, लोहारू, सिवानी और तोशाम खंड के 42 तालाबों एवं जोहड़ों का विकास किया गया। इन पर कुल 2098.16 लाख रुपये खर्च हुए। तिगड़ाना में 165.15 लाख, देवसर में 114.83 लाख और खरक कलां में 110.35 लाख रुपये खर्च किए गए। रेवाड़ी खेड़ा में 99.27 लाख, रतेरा में 76.30 लाख, बामला-1 में 70.47 लाख, मिळी में 68.27 लाख और रेवाड़ी खेड़ा (दूसरा कार्य) में 68.22 लाख रुपये खर्च हुए। किरावड़ में 64.57 लाख, चांग में 59.83 लाख, पालुवास में 57.39 लाख और बलियाली में 53.68 लाख रुपये की लागत आई। ढ़ाणी माहू में 49.98 लाख, इंदीवाली में 48.78 लाख, सुई में 45.58 लाख और धनाना-तृतीय में 45.06 लाख रुपये खर्च किए गए। मुंढाल खुर्द में 44.30 लाख, कासनी खुर्द में 44.31 लाख, छपार जोगियान में 44.59 लाख, पूर्णपुरा में 43.36 लाख, धारेडू में 42.54 लाख, पुर में 42.20 लाख, बड़सी गुजरान में 42.19 लाख, मिरान में 42.09 लाख, झुल्ली में 41.70 लाख, किरावड़ (दूसरा कार्य) में 40.82 लाख और खावा में 40.72 लाख रुपये खर्च हुए। ढ़ाणी माहू (दूसरा कार्य) में 39.99 लाख, सहरयारपुर में 33.81 लाख, खरक खुर्द में 33.67 लाख, बलियाली (दूसरा कार्य) में 33.62 लाख, मिरान (दूसरा कार्य) में 33.48 लाख, थिलोड़ में 33.09 लाख, संडवा में 31.64 लाख, खरक कलां (दूसरा कार्य) में 31.36 लाख, खानक में 30.37 लाख, बड़दू धीरजा में 29.98 लाख, थिलोड़ (दूसरा कार्य) में 25.49 लाख, गारनपुरा कलां में 24.99 लाख, खानक (दूसरा कार्य) में 18.20 लाख, गागड़वास में 18.17 लाख और अमीरवास में 13.75 लाख रुपये खर्च किए गए। उद्घाटन के साथ ये अमृत प्लस सरोवर ग्रामीणों को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ प्रदान करेंगे।
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