मुरादाबाद में साइबर पुलिस टीम पर हमला, ₹1 करोड़ के ठग को कस्टडी से छुड़ाया

मुरादाबाद के मूंढापांडे में ₹1 करोड़ की ऑनलाइन ठगी के आरोपी को पकड़ने गई गाजियाबाद साइबर पुलिस पर हमला। भीड़ ने आरोपी राशिद को छुड़ाया, मुकदमा दर्ज।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे में गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी को हिरासत से छुड़ाने का गंभीर मामला सामने आया है. इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. गाजियाबाद कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम एक करोड़ एक लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले की जांच के सिलसिले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुरादाबाद पहुंची थी, लेकिन वहां पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा.

जांच के दौरान साइबर पुलिस को पता चला था कि ठगी गई रकम में से 43 लाख रुपये सीधे मूंढापांडे निवासी राशिद के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे. पुलिस के अनुसार यह खाता साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए फर्स्ट लेयर अकाउंट के रूप में सामने आया था, जिसमें पीड़ितों से ठगी गई राशि सीधे भेजी गई थी. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गाजियाबाद साइबर थाने की टीम राशिद को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी.

पुलिस टीम को चारों ओर से घेरा

पुलिस का आरोप है कि जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, आरोपी के परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया. इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया. उग्र भीड़ ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए आरोपी राशिद को पुलिस की कस्टडी से छुड़ा लिया और उसे मौके से फरार करा दिया.

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मूंढापांडे पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और गाजियाबाद से आई टीम की सुरक्षा सुनिश्चित की. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई.

मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस टीम की तहरीर के आधार पर मूंढापांडे थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. इस मामले में राशिद, उसके भाई शम्मू (सम्मू) और नन्हें को नामजद आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित

पुलिस के अनुसार राशिद के भाई, जो जिला पंचायत सदस्य बताए जा रहे हैं, ने अन्य परिजनों और समर्थकों के साथ मिलकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था. मामले में शामिल महिलाओं और अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है. पुलिस ने बताया कि जिस बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम आई थी, उसे तत्काल सीज कर दिया गया है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है.

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