यूक्रेन में लापता भिवानी का नाविक दीपक डूडी: रहस्य बना जहाज का हादसा

भिवानी के नाविक दीपक डूडी के यूक्रेन में रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला। 4 देशों में उलझी जांच, परिजन और स्थानीय प्रशासन लगा रहे गुहार।

भिवानी। जिले के गांव झांझड़ा बास निवासी साढ़े 23 वर्षीय भारतीय नाविक दीपक डूडी के यूक्रेन में लापता होने का मामला अब चार देशों की हद में उलझ गया है। दीपक जिस जहाज पर काम करता था वह पुर्तगाल की एक कंपनी का था। इस जहाज को कंपनी ने तुर्किये से लीज पर लिया था। हादसा यूक्रेन की सीमा में हुआ। कंपनी की विस्तृत रिपोर्ट में दीपक डूडी के जहाज से यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास लापता होने की बात कही गई है।

रिपोर्ट में दीपक के समुद्र में गिरने की बात भी शामिल है। हालांकि कंपनी उसके लापता होने और समुद्र में डूबने से संबंधित ठोस तथ्य नहीं दे पा रही है। रिपोर्ट में समुद्र में अलग-अलग सर्च अभियान चलाने का भी हवाला दिया गया है।

दीपक के बड़े भाई राहुल ने आठ जुलाई को मुंबई में संबंधित अथॉरिटी के आला अधिकारियों से मुलाकात की थी। अथॉरिटी ने संबंधित कंपनी से दो दिन में फाइनल रिपोर्ट मांगी थी। 56 हजार डॉलर का बीमा भी कंपनी की तरफ से कराया गया था। झांझड़ा बास निवासी दीपक का भाई राहुल, पिता मंदीप और माता बबीता सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह से भी गुहार लगा चुके हैं। सांसद ने भी केंद्रीय मंत्रालय से इस संबंध में हस्तक्षेप कर दीपक के लापता होने के संबंध में ठोस कार्रवाई का पत्र लिखकर अनुरोध किया है।

परिजनों के सवालों का नहीं मिला जवाब
राहुल ने बताया कि मुंबई में कंपनी के अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट पर उन्होंने कई सवाल पूछे। हालांकि इन सवालों का उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। दीपक के अचानक लापता होने के पीछे कंपनी अब तक कोई ठोस तथ्य नहीं रख पाई है। कंपनी दीपक को तलाश भी नहीं पाई है। ऐसे में उसके समुद्र में डूबने की रिपोर्ट पर भी परिजनों के कई सवाल अधूरे ही खड़े हैं। मुंबई जाने पर भी राहुल की जिज्ञासा शांत नहीं हुई है।

जहाज से लापता हो गया था दीपक
2 जुलाई की शाम करीब पांच बजे दीपक यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास जहाज से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया था। हालांकि उसी दिन दोपहर में परिजनों की दीपक से फोन पर बात भी हुई थी। उसके बड़े भाई राहुल और चचेरे भाई कुलबिंद्र ने आठ जुलाई को मुंबई पहुंचकर संबंधित अथॉरिटी के माध्यम से कंपनी के अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। लेकिन अभी तक कंपनी की तरफ से दीपक के लापता होने का कोई ठोस प्रमाण परिजनों को नहीं दिया गया है।

दो भाइयों में छोटा है दीपक
परिजन नवीन डुड्डी ने बताया कि दीपक दो भाइयों में छोटा है। उसका बड़ा भाई राहुल गांव में खेतीबाड़ी करता है। दीपक के पिता मंदीप और माता बबीता बेटे के लापता होने के बाद से ही सदमे में हैं। वहीं बुजुर्ग दादा ईश्वर सिंह और दादी सूरज कौर की भी पोते के लौटने के इंतजार में आंखें पथरा गई हैं। दीपक 20 मार्च को घर से तुर्किये की कंपनी डेनिज टैंकर्स लिमिटेड के संचालित जहाज पर काम के लिए गया था। इससे पहले भी वह पिछले वर्ष आठ से नौ माह विदेश में रहकर घर लौटा था।
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