NCR रीजनल प्लान 2041: 3 जोन में बंटेगा दिल्ली-NCR, जानें नया मास्टर प्लान

दिल्ली-NCR को 3 जोन में बांटने की तैयारी। क्या हरियाणा के 5 जिले NCR से बाहर होंगे? 'रीजनल प्लान 2041', नमो सिटीज और 30 मिनट कनेक्टिविटी की पूरी जानकारी पढ़ें।

दिल्ली-NCR के लिए तैयार किए जा रहे ‘रीजनल प्लान 2041’ में बड़े बदलावों का खाका सामने आया है। प्रस्ताव के दिल्ली NCR को 3 अलग-अलग जोन में बांटा जा सकता है। इसके पीछे की मनसा क्षेत्र के विकास और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है।केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी। इस चर्चा में हरियाणा के 5 जिलों को NCR से अलग कर देने वाली मांग भी उठाई गई थी। जानिए इसका क्या हुआ? क्या हरियाणा के 5 जिले NCR से अलग होने वाले हैं- अगर हां, तो वो कौन से जिले होंगे?

NCR को 3 जोन में बांटने की तैयारी

रीजनल प्लान 2041 के तहत NCR को 3 अलग-अलग जोन में बांटने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें सेंट्रल (कोर) NCR, मिडिल NCR और आउटर NCR जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। इसका मकसद दिल्ली और उसके आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों तथा दूर के जिलों के लिए अलग-अलग विकास और नियामकीय ढांचा तैयार करना है।

3 जोन में बांटने के पीछे क्या मकसद है?

प्रस्ताव के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण समेत कुछ सख्त प्रतिबंध केवल दिल्ली और उससे सटे कोर NCR क्षेत्रों में लागू रह सकते हैं। वहीं राजधानी से दूर वाले मिडिल और आउटर NCR के जिलों को इन नियमों में छूट मिल सकती है। इससे दूर-दराज के जिलों में इंडस्ट्री, आवास और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हरियाणा के 5 जिले NCR से अलग होंगे या नहीं?

इसी प्रस्तावित व्यवस्था के बीच हरियाणा सरकार ने करनाल, जींद, पानीपत, महेंद्रगढ़ और भिवानी को NCR से बाहर करने का सुझाव दिया था। राज्य का तर्क था कि ये जिले दिल्ली से काफी दूर हैं और NCR से जुड़े कई प्रतिबंधों का असर इनके विकास पर पड़ता है। हालांकि NCR प्लानिंग बोर्ड ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और फिलहाल इन जिलों को NCR में बनाए रखने का फैसला किया।

अगले 15 सालों में 15 करोड़ पहुंच सकती NCR की आबादी

इस बैठक में आबादी को लेकर मनोहर लाल खट्टर ने जो आंकड़े दिए, वो ध्यान खींचने वाले हैं। मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान में NCR की आबादी करीब 7.5 करोड़ है, जो अगले 15 सालों में बढ़कर 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। अनुमान है कि 2031 तक क्षेत्र की 57 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहेगी, जबकि 2041 तक यह आंकड़ा 67 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

नमो सिटीज और 30 Minutes NCR प्लान बना रही सरकार

ऐसे में सरकार चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का भी फैसला लिया गया। इन्हें ‘नमो नोड्स’ या ‘नमो सिटीज’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाएगी और राज्यों से प्रस्ताव मांगकर चयन किया जाएगा।

रीजनल प्लान 2041 में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क और तेज परिवहन व्यवस्था का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दिल्ली और प्रमुख एनसीआर शहरों के बीच यात्रा समय को 30 मिनट तक सीमित करना है।

रीजनल प्लान 2041 के मसौदे पर राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि करीब दो महीने बाद फिर बैठक होगी, जिसके बाद योजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

खबर में पीटीआई के इनपुट भी शामिल हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.