करनाल छेड़छाड़ मामला: हाईकोर्ट ने खारिज की आरोपी की अग्रिम जमानत

करनाल के निसिंग में छेड़छाड़ और पीछा करने के आरोपी की अग्रिम जमानत हाईकोर्ट ने खारिज की। कोर्ट ने आरोपी पर तथ्यों को छिपाने और गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया।

चंडीगढ़ : हाई कोर्ट ने करनाल के निसिंग क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती से कथित छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले में आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने पाया कि आरोपित ने एफआइआर के अनुवादित संस्करण में एक महत्वपूर्ण आरोप को जानबूझकर हटाकर अदालत के समक्ष अधूरी और भ्रामक तस्वीर पेश की। जस्टिस संदीप मौदगिल ने अपने आदेश में कहा कि यह कोई मामूली भाषाई त्रुटि नहीं, बल्कि अभियोजन के पूरे मामले की नींव से जुड़ा गंभीर आरोप है।

अदालत के अनुसार आरोपी ने रिकार्ड का गलत प्रस्तुतीकरण किया और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए, जिससे उसकी नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। निसिंग थाना पुलिस ने 14 मई को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता युवती ने आरोप लगाया था कि 12 मई को वह गांव के मंदिर जा रही थी, तभी आरोपित उसका पीछा करते हुए आया। उसने पीछे से उसकी चप्पल पर पैर रखा, कंधे और निजी अंगों को छुआ तथा विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपित काफी समय से उसका पीछा कर रहा था, अशोभनीय इशारे करता था और बाद में उसके घर के आसपास भी घूमता रहा, जिससे वह भयभीत थी।

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