Greater Noida GBU News: जीबीयू में बनेगा ‘सेंटर फॉर ग्रीन स्किल्स एंड एप्लाइड AI’, 15 हजार युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में 1M1B और माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से 'सेंटर फॉर ग्रीन स्किल्स एंड एप्लाइड AI' खुलेगा। 15 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण।
ग्रेटर नोएडा: बदलती तकनीक और रोजगार की नई जरूरतों को देखते हुए गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में ‘सेंटर फॉर ग्रीन स्किल्स एंड एप्लाइड एआई फॉर क्लाइमेट एक्शन’ (Centre for Green Skills & Applied AI for Climate Action) की स्थापना की जाएगी। यह सेंटर 1M1B संस्था और माइक्रोसॉफ्ट के वैश्विक सहयोग से स्थापित होगा।
उत्तर प्रदेश में ऐसे केवल दो केंद्र खोले जा रहे हैं—पहला लखनऊ विश्वविद्यालय में और दूसरा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में। अगले तीन वर्षों के भीतर उत्तर प्रदेश के 15 हजार से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन स्किल्स और भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से करीब 3,000 युवाओं को एडवांस लर्निंग, इंटर्नशिप, उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम के जरिए सीधे रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
🎓 छात्रों को मिलेगा प्रैक्टिकल ज्ञान और इंटर्नशिप: जीबीयू कुलसचिव प्रो. चंदर कुमार सिंह ने दी जानकारी
जीबीयू के कुलसचिव प्रो. चंदर कुमार सिंह ने बताया कि इस केंद्र में छात्रों को एआई, ग्रीन टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी और उभरती डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह केंद्र विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के अंतर्गत संचालित होगा।
-
प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा: विद्यार्थी वास्तविक समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एआई आधारित समाधान व प्रोटोटाइप विकसित करेंगे।
-
करियर सपोर्ट: चयनित विद्यार्थियों को संरचित इंटर्नशिप, एआई आधारित लर्निंग, करियर रेडीनेस प्रोग्राम और सीधे इंडस्ट्री से जुड़ने का मौका मिलेगा।
-
रोजगार मेले: इसके अलावा जॉब फेयर, प्लेसमेंट ड्राइव, इनोवेशन शोकेस और उद्योग सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को नौकरी और स्टार्टअप दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिल सकें।
🚀 देश के सबसे बड़े युवा राज्य को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: UP की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
यह केंद्र उत्तर प्रदेश को एआई और ग्रीन टेक्नोलॉजी आधारित कौशल विकास का प्रमुख हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला राज्य मानते हुए इस पहल को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों को देखते हुए यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को भविष्य की नौकरियों (Jobs of the Future) के लिए तैयार करेगा। साथ ही, इससे शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच एक मजबूत साझेदारी विकसित होगी जो उत्तर प्रदेश को एआई और हरित प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनाएगी।
📍 कर्नाटक के बाद उत्तर प्रदेश में शुरुआत: दिल्ली-एनसीआर के हजारों युवाओं को सीधे पहुंचेगा लाभ
अभी तक यह अत्याधुनिक केंद्र देश में केवल कर्नाटक में संचालित हो रहा था। अब दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में यह केंद्र स्थापित हो चुका है, जिसका जल्द ही शुभारंभ होने वाला है। इसके बाद तेलंगाना और मेघालय में भी इसे शुरू किया जाना प्रस्तावित है।
लखनऊ के बाद पूरे उत्तर प्रदेश से केवल जीबीयू (गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय) को ही इस केंद्र के लिए चुना गया है। इस केंद्र के बन जाने से दिल्ली-एनसीआर के हजारों छात्र-छात्राओं को एआई और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने का सीधा फायदा मिलेगा।
💡 ‘सेंटर फॉर ग्रीन स्किल्स एंड एप्लाइड AI’ के प्रमुख लाभ
-
माइक्रोसॉफ्ट समर्थित ट्रेनिंग: विद्यार्थियों को माइक्रोसॉफ्ट सर्टिफाइड एआई और ग्रीन स्किल्स का प्रशिक्षण मिलेगा।
-
इंडस्ट्री एक्सपोजर: पढ़ाई के साथ-साथ लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और बड़े उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
-
बेहतर प्लेसमेंट: विशेष रोजगार मेलों और प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी के अवसर मिलेंगे।
-
इनोवेशन और स्टार्टअप: छात्र वास्तविक समस्याओं पर एआई आधारित समाधान विकसित कर सकेंगे जिससे स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
-
कुशल कार्यबल: उत्तर प्रदेश में उद्योगों की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन (Skilled Workforce) तैयार होगा।