Ghaziabad Crime News Current Shock: स्कूटी का प्लग निकालते समय मासूम को लगा जोरदार करंट, बचाने पहुंचे भाई को भी लगा झटका
अंकुर विहार की चमन विहार कॉलोनी में इलेक्ट्रिक स्कूटी का चार्जर हटाते समय 8 वर्षीय मासूम की करंट से मौत। जानिए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग से जुड़ी सावधानियां।
गाजियाबाद : घर के भीतर चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक स्कूटी का चार्जर हटाने के दौरान आठ वर्षीय युग उर्फ कुशल की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई।
मासूम को बचाने पहुंचे उसके चचेरे भाई को भी करंट का तेज झटका लगा। अंकुर विहार थाना क्षेत्र की चमन विहार कॉलोनी में शुक्रवार सुबह हुए इस दर्दनाक हादसे के वक्त बच्चे के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। सूचना मिलने पर वे तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
🏠 रिश्तेदार के निधन पर मथुरा गए थे माता-पिता: दो मंजिला घर में मौजूद थे बच्चे
मूल रूप से फिरोजाबाद के नगरिया फरोला निवासी धर्मेंद्र वर्ष 2015 से चमन विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे हैं:
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: धर्मेंद्र पेशे से हलवाई हैं और घर के पास ही दुकान चलाते हैं। उनके परिवार में पत्नी रानी देवी और चार बच्चे हैं।
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घटना का क्रम: रिश्तेदारों के अनुसार, एक परिजन के निधन पर धर्मेंद्र और उनकी पत्नी मथुरा गए हुए थे। दो मंजिला मकान में बच्चे अकेले थे।
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हादसा: सुबह निचली मंजिल पर इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज हो रही थी। करीब 9:00 बजे युग स्कूटी का चार्जर हटाने लगा, तभी वह अचानक हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया और चार्जर का तार उसके गले में उलझ गया।
😭 ‘काश! हम न गए होते तो यह हादसा न होता’: अस्पताल में बदहवास हुई मां
हादसे की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचे माता-पिता अपने मासूम बेटे का शव देखकर पूरी तरह बदहवास हो गए:
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मां का रो-रोकर बुरा हाल: मां रानी देवी अपने बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रहीं। उनकी जुबान पर बार-बार यही शब्द थे— “काश! हम मथुरा न गए होते तो आज हमारा बच्चा हमारे साथ होता।”
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जांच जारी: पुलिस को आशंका है कि चार्जर हटाते समय बच्चा गीले हाथों से प्लग या सॉकेट के सीधे संपर्क में आ गया होगा।
🔌 चचेरे भाई ने मुख्य सप्लाई बंद कर बचाई अन्य की जान: अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
पड़ोस में रहने वाला धर्मेंद्र का भतीजा शिवम सुबह करीब सवा नौ बजे बच्चों का हाल-चाल जानने घर पहुंचा:
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अचेत अवस्था में देखा: उसने युग को जमीन पर अचेत पड़ा देखा। जब उसने तार हटाने की कोशिश की तो उसे भी करंट का झटका लगा।
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सूझबूझ दिखाई: इसके बाद उसने डंडे से तार हटाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर उसने छत पर जाकर पूरे घर की मेन पावर सप्लाई बंद की।
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अस्पताल में मौत: गंभीर हालत में युग को दिल्ली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
⚠️ इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करते समय बरतें ये सावधानियां
घर पर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्ज करते समय हादसों से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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बच्चों की पहुंच से दूर रखें: वाहन चार्जिंग पॉइंट और सॉकेट को बच्चों की पहुंच से दूर ऊंचाई पर स्थापित करें।
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बच्चों को न छूने दें: बच्चों को कभी भी चार्जिंग प्लग या वायर को छूने न दें।
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सप्लाई बंद करें: चार्जर को सॉकेट से निकालने या लगाने से पहले हमेशा स्विच (Power Supply) बंद करें।
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क्षतिग्रस्त तार का उपयोग न करें: कटे-फटे तार, ढीले सॉकेट या लोकल चार्जर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।