CBI-NIA का बड़ा एक्शन: हत्या का आरोपी सऊदी अरब से और ठग UAE से भारत डिपोर्ट
CBI और NIA ने इंटरपोल की मदद से हत्या के आरोपी को सऊदी अरब और वित्तीय धोखाधड़ी के वांटेड अपराधी को UAE से भारत डिपोर्ट कराया है। जानें पूरी खबर।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ मिलकर हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों के मामले में वांछित आरोपी मुहम्मदअली कन्नीर पल्लीयालिल को सऊदी अरब से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है. आरोपी को गुरुवार को सऊदी अरब से डिपोर्ट कर भारत लाया गया.
NIA के अनुसार, आरोपी एक हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े मामले में फरार था. जांच में यह खुलासा हुआ है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश की है. दुकान में घुसकर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किय था, जिससे उसकी मौत हो गई थी.
इंटरपोल की मदद से रेड नोटिस जारी
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए NIA के अनुरोध पर CBI ने इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया था.
बाद में आरोपी की लोकेशन सऊदी अरब में पता चली, जहां स्थानीय अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद भारत सरकार की ओर से उसे वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपी को भारत डिपोर्ट कर दिया गया.
वित्तीय फ्रॉड के मामले में UAE से डिपोर्ट
दूसरी ओर, एक अलग ऑपरेशन में, CBI ने MEA और MHA के साथ मिलकर, रेड नोटिस वाले अविनाश अर्जुन राठौड़ को 23 जुलाई को UAE से भारत डिपोर्ट करवाया. एक और ऑफिशियल बयान में कहा गया कि राठौड़ बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले में वॉन्टेड है.
बयान में कहा गया, “दूसरों के साथ क्रिमिनल साजिश में, आरोपी ने इन्वेस्टर्स को फिक्स्ड मंथली रिटर्न का झूठा वादा करके कई स्कीम में इन्वेस्ट करने के लिए उकसाया. आरोपी ने बेईमानी से फंड का गलत इस्तेमाल किया और कमाई को कई बैंक अकाउंट और डीमैट अकाउंट के जरिए डायवर्ट किया.”
इसमें आगे कहा गया कि राठौड़ के खिलाफ पहले इंटरपोल चैनल के जरिए एक रेड नोटिस जारी किया गया था. वह 23 जुलाई को मुंबई पहुंचा और महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया. CBI के एक प्रवक्ता ने कहा, “पिछले कुछ सालों में INTERPOL चैनलों के जरिए कोऑर्डिनेशन करके 170 से ज्यादा वॉन्टेड क्रिमिनल्स को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है.