CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर गरमाई राजनीति, राहुल गांधी और ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और तिरंगा फहराने के आरोप में CJP नेताओं को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है। राहुल गांधी और ममता बनर्जी ने इसे कायरतापूर्ण कदम बताया।

राजधानी के जंतर-मंतर क्षेत्र में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन करने और तिरंगा फहराने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो प्रमुख नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे असहमति की आवाज़ को दबाने का प्रयास करार दिया है। वहीं, उनके सहयोगी अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये के निजी मुचलके और अच्छे आचरण की शर्त पर रिहा किया गया है।

📢 राहुल गांधी और ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला: “तिरंगा फहराने पर जेल भेजना कायरतापूर्ण कदम”

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर भारत की जनता का है और वहां शांतिपूर्ण ढंग से तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजने को केंद्र सरकार का कायरतापूर्ण कदम बताया। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई की तीखी निंदा करते हुए कहा कि यह पूरी एक नई पीढ़ी को डराने और चुप कराने की सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।

🏛️ क्या है पूरा मामला? बैरिकेड तोड़कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी

दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर को हाल ही में नियमित प्रदर्शन स्थल की सूची से बाहर कर दिया गया है। आरोप है कि CJP के नेताओं ने प्रतिबंधित क्षेत्र के बैरिकेड तोड़कर बिना अनुमति प्रवेश किया, जहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान शांति बनाए रखने के बांड का उल्लंघन करने के आरोप में उन्हें हिरासत में लेकर विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

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