जीटी रोड को जाम मुक्त बनाने की तैयारी, 2 किमी लंबी एलिवेटेड रोड के लिए 100 करोड़ का लोन लेगा GDA

घंटाघर से भाटिया मोड़ के बीच 2 किमी लंबी 4-लेन एलिवेटेड रोड बनेगी। GDA बोर्ड ने 200.23 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।

गाजियाबाद में घंटाघर से भाटिया मोड़ के बीच चार लेन की दो किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनेगी, जिसके लिए ऋण लिया जाएगा। शुक्रवार को जीडीए बोर्ड बैठक में इसके लिए प्रशासनिक और वित्तीय सहमति के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद इस एलिवेटेड का निर्माण किया जाएगा। इससे क्षेत्र में जाम की समस्या दूर हो सकेगी।

गाजियाबाद के बीच से जीटी रोड गुजर रहा है। जीटी रोड के किनारे घनी आबादी और बाजार होने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग पर शहर के स्थानीय यातायात के साथ दिल्ली, बुलंदशहर और अलीगढ़ की ओर से आने जाने वाला यातायात भी गुजरता है। इस कारण घंटाघर से भाटिया मोड़ के बीच एलिवेटेड रोड बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। पिछले दिनों अर्बन चैलेंज फंड से एलिवेटेड रोड के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की कवायद भी तेज हुई।

एलिवेटेड रोड के ऋण लेने का प्रस्ताव मंजूर

अब जीडीए ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए एलिवेटेड रोड बनाने के लिए ऋण लेने का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा, जहां से उसे स्वीकृति मिल गई। ऐसे में अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ऋण लेने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएगा। जीडीए अधिकारी बताते हैं कि अर्बन चैलेंज फंड के अनुसार, एलिवेटेड रोड के बजट को जुटाया जाएगा ताकि इस प्रोजेक्ट को तेजी से शुरू किया जा सके।

200 करोड़ से अधिक खर्च होगा

अर्बन चैलेंज फंड योजना के अनुसार, 50 फीसदी ऋण या अन्य माध्यम से वित्त पोषण, 25 फीसदी संबंधित विभाग यानी जीडीए और 25 फीसदी अर्बन चैलेंज फंड से वित्त पोषित किया जाना प्रस्तावित है।

इस प्रोजेक्ट पर कुल 200.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ऐसे में जीडीए 100 करोड़ रुपये ऋण लेगा। जबकि 25 फीसदी यानी 50.23 करोड़ रुपये जीडीए के नगरीय अवस्थापना निधि से खर्च किया जाएगा। इसके अलावा शेष 25 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार से मिलेगा।

जाम से राहत मिलेगी

एलिवेटेड रोड बनने के बाद जीटी रोड पर यातायात का दबाव कम होने और शहर में जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के तैयार होने से शहर के सबसे सघन और व्यस्त इलाके को पूरी तरह सिग्नल-मुक्त बन सकेगा। दिल्ली, बुलंदशहर और अलीगढ़ की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक तेज मार्ग मिल सकेगा। जीटी रोड पर हर रोज लाखों वाहन गुजरते हैं, जिन्हें लाभ होगा। साथ ही जीटी रोड के किनारे स्थित बाजारों और कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

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