Greater Noida Hindon Pollution: हिंडन नदी का पानी संपर्क में आने से ही फैला रहा त्वचा रोग, कुलेसरा में 30% लोग संक्रमण की चपेट में

ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा में हिंडन नदी का पानी हुआ जहरीला। पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और बीओडी खतरनाक स्तर पर।

यूपी की नदियों में ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा के पास हिंडन का पानी ‘जहरीला’ यानी सबसे अधिक प्रदूषित है। यहां ऑक्सीजन की मात्रा पानी में बेहद कम है। आलम यह कि पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया की मात्रा काफी अधिक है। नदी का पानी इस कदर जहरीला है कि इसके संपर्क में आने भर से ही त्वचा रोग की आशंका है। आसपास बसे लोग इस बीमारी से पीड़ित भी हैं।

4 नदियां सबसे प्रदूषित

यूपी की चार नदियां हिंडन, काली नदी, गोमती और वरुणा सबसे प्रदूषित हैं। इन नदियों को किसी न किसी स्थान पर ई श्रेणी में रखा गया है। इनमें हिंडन सभी जिलों में ई श्रेणी में है, अन्य नदियों के साथ ऐसा नहीं है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जून की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा के पास हिंडन में बायो केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (जितनी अधिक होगी पानी में ऑक्सीजन उतनी ही कम होगी) 82 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई।

यूपी की काली नदी सबसे ज्यादा प्रदूषित

पानी में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया 92 लाख प्रति 100 मिलीलीटर मिले। फिकल कोलीफॉर्म की मात्रा 35 लाख दर्ज की गई। ये बैक्टीरिया प्रदेश में किसी भी नदी में सबसे अधिक हैं। हिंडन के बाद सबसे प्रदूषित पश्चिमी यूपी की ही काली नदी है, जहां बुलंदशहर में सर्वाधिक बीओडी 52 मिलीग्राम प्रति लीटर और टोटल कोलीफॉर्म 39 लाख प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया।

ई श्रेणी में हिंडन का पानी

इसके बाद गोमती और वरुणा सबसे प्रदूषित नदियों में शुमार हैं। इन तीनों नदियों का पानी सभी स्थानों पर ई श्रेणी में नहीं है, लेकिन हिंडन सभी स्थानों पर ई श्रेणी में है।

मर जा रहे जलीव जीव

पानी में अधिक बीओडी यानी पानी में ऑक्सीजन की कमी है। इससे जलीय जीव मर जाते हैं। हिंडन में जिले का 22 एमएलडी गंदा पानी पहुंच रहा है।

ग्रेनो में हिंडन का पानी सर्वाधिक प्रदूषित

ग्रेटर नोएडा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विकास मिश्रा ने नियमित रूप से हिंडन के पानी की जांच की जाती है। इसमें गंदे पानी को न बहाने समेत अन्य कार्यों के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

आसपास 30 फीसदी त्वचा रोग से पीड़ित

कुलेसरा स्थित आरोग्य मंदिर में प्रत्येक महीने 400 से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें से करीब 100 मरीज त्वचा संक्रमण के होते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हिंडन के किनारे बसी कॉलोनियों में अलग-अलग साल स्वास्थ्य शिविर लगाए, जिसमें 30 प्रतिशत त्वचा संक्रमण के मरीज मिले। यह मानसून के दौरान शिविर लगाए गए। साल 2023 और 2024 में 2500 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें से 800 से अधिक त्वचा संक्रमण के मरीज मिले थे।

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