आगरा के कर्मयोगी रोड पर 10 फीट गहरा गड्ढा, 4 महीने पहले बनी सड़क धंसने से मचा हड़कंप
आगरा के कर्मयोगी रोड पर 4 महीने पहले करोड़ों की लागत से बनी सड़क अचानक धंस गई। 10 फीट गहरे गड्ढे में सीढ़ी लगाकर सपा नेता ने जताया विरोध।
आगरा शहर के पॉश इलाके कर्मयोगी रोड पर शुक्रवार सुबह सड़क अचानक धंस गई. सड़क के बीचों-बीच करीब 5 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरा गड्ढा बनने से इलाके में हड़कंप मच गया. घटना सुबह करीब 6 बजे सामने आई. गड्ढा बनने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा पैदा हो गया. सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई.
4 महीने पहले बनी थी सड़क
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क करोड़ों रुपए की लागत से करीब चार महीने पहले ही बनाई गई थी. हैरानी की बात यह है कि एक महीने के भीतर सड़क धंसने की यह दूसरी बड़ी घटना है. लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और काम में भारी लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से नई सड़क बार-बार धंस रही है.
सपा नेता ने गड्ढे में उतरकर किया विरोध
घटना के बाद समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव नितिन कोहली मौके पर पहुंचे. उन्होंने सीढ़ी लगाकर गड्ढे में उतरकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया. नितिन कोहली ने नगर निगम, जलकल विभाग और निर्माण कार्य से जुड़ी निजी कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना था कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोगों को सुरक्षित सड़क नहीं मिल पा रही है.
विभाग एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क धंसने के बाद संबंधित विभाग जिम्मेदारी लेने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. नगर निगम, जलकल विभाग और निर्माण एजेंसी के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है. इस कारण समस्या का स्थायी समाधान भी नहीं निकल पा रहा है.
जांच और मरम्मत की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ-साथ पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि निर्माण में गड़बड़ी हुई है तो दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
जलकल विभाग ने क्या कहा?
मामले में जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव ने कहा कि सड़क धंसने के कारणों की जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि किसी तरह का हादसा न हो.