करनाल: अस्पताल से फरार शातिर बदमाश गुरजीत अंबाला से गिरफ्तार
करनाल सिविल अस्पताल से चकमा देकर फरार हुए शातिर बदमाश गुरजीत को CIA-1 ने अंबाला से गिरफ्तार कर लिया है। पेट्रोल पंप लूट और एनकाउंटर की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें।
करनाल: करनाल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. करीब 20 दिन पहले सिविल अस्पताल से पुलिस कस्टडी से फरार हुआ शातिर बदमाश गुरजीत आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. सीआईए-1 की टीम ने उसे अंबाला से गिरफ्तार किया है. आरोपी पंजाब के खरड़ का रहने वाला है और हरियाणा के कई जिलों में पेट्रोल पंप लूट व अन्य आपराधिक वारदातों में वांटेड चल रहा था. पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि उसके नेटवर्क और अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.
फरारी ने बढ़ाई थी पुलिस की परेशानी : 28 और 29 मई की दरम्यानी रात करनाल सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड से आरोपी फरार हो गया था. उस समय उसकी सुरक्षा में चार पुलिसकर्मी तैनात थे. एनकाउंटर में घायल होने के कारण उसका इलाज चल रहा था और पुलिस को उम्मीद थी कि जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी. लेकिन आरोपी ने बीमारी और कमजोरी का नाटक करते हुए पुलिस को ऐसा धोखा दिया कि पूरे विभाग में हड़कंप मच गया.
ढाई मिनट के अंधेरे में रची फरारी की साजिश : जांच में सामने आया कि रात के समय आए तूफान के कारण अस्पताल की बिजली कुछ मिनटों के लिए गुल हो गई थी. इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी बेडशीट ओढ़कर वार्ड से निकल गया. सीसीटीवी फुटेज में वह आराम से चलता हुआ दिखाई दिया. हैरानी की बात यह रही कि जो आरोपी दिनभर चलने-फिरने में असमर्थ होने का दिखावा कर रहा था, वही कैमरों में बिना किसी परेशानी के तेज कदमों से निकलता नजर आया. जब बिजली वापस आई तो पुलिसकर्मियों को उसका बेड खाली मिला और फिर उसकी तलाश शुरू हुई.
चौधरी पेट्रोल पंप पर रची थी लूट की वारदात : मामला 2 मई की तड़के का है, जब आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार होकर तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पहुंचा. पहले उसने 100 रुपये का पेट्रोल डलवाया और फिर मौके पर मौजूद कर्मचारी पर पिस्टल तानकर कैश लूटने का प्रयास किया. आरोपी ने पूरे घटनाक्रम को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम देने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों की बहादुरी ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया.
कर्मचारियों की बहादुरी से नाकाम हुई लूट: पेट्रोल पंप कर्मचारी सुरेश कुमार ने साहस दिखाते हुए आरोपी की पिस्टल पर हाथ मार दिया और शोर मचा दिया. आवाज सुनकर दूसरा कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गया. दोनों ने मिलकर बदमाश का मुकाबला किया. इसी दौरान आरोपी ने फायरिंग भी की, लेकिन गोली किसी को नहीं लगी. विरोध बढ़ता देख वह मौके से फरार हो गया.
सीसीटीवी और सुरागों से पहुंची पुलिस: वारदात के बाद पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची. घटनास्थल से गोली का खोल बरामद किया गया और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली गई. बिना नंबर प्लेट की बाइक होने के कारण आरोपी तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार उसका पीछा जारी रखा.
नहर किनारे हुई मुठभेड़, गोली लगने के बाद हुआ गिरफ्तार: लगातार तलाश के बीच 24 और 25 मई की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास मौजूद है. सीआईए-1 की टीम ने घेराबंदी की तो बदमाश ने बचने की कोशिश की. इसी दौरान हुई मुठभेड़ में उसे गोली लगी और पुलिस ने काबू कर लिया. मौके से एक पिस्टल और बिना नंबर प्लेट वाली बाइक भी बरामद की गई थी.
अब खुलेंगे कई राज : पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले से हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं. अस्पताल से फरारी के बाद उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी. अब दोबारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं और उसके साथियों तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी.