गोरखपुर: 16 साल के किशोर ने भाई-भाभी और भतीजे को उतारा मौत के घाट

गोरखपुर के बांसगांव में 16 साल के किशोर ने गड़ासे से भाई, भाभी और मासूम भतीजे की हत्या की। आरोपी ने बताया- खाना न मिलने से था परेशान।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र से सोमवार को एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई थी. यहां बलुआ गांव में एक 16 साल के नाबालिग लड़के ने घरेलू कलह, कुंठा और मानसिक तनाव में आकर अपने ही सगे बड़े भाई, भाभी और मासूम भतीजे की सोते समय गड़ासे से काटकर निर्मम हत्या कर दी. जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो बस उसने यही पूछा- क्या मुझे जेल में खाना मिलेगा? आरोपी का कहना था कि भाभी ने उसे दो दिन से खाना नहीं दिया था.

पुलिस के मुताबिक, बलुआ गांव के रहने वाले हरीलाल (58) के दो मंजिला मकान में उनका बड़ा बेटा अमित गुप्ता (35), बहू रंजना (32), 9 साल की गोद ली हुई बेटी और 3 साल का बेटा रेयांश रहते थे. मकान की ऊपरी मंजिल पर हरीलाल का 16 वर्षीय छोटा बेटा (आरोपी) रहता था. सोमवार तड़के करीब 3 बजे, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया था, आरोपी हाथ में धारदार गड़ासा लेकर अमित के कमरे में दाखिल हुआ.

उसने बेड पर सो रहे अपने भाई, भाभी और 3 साल के भतीजे पर गड़ासे से ताबड़तोड़ वार कर दिए. तीनों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई. चीख-पुकार सुनकर जब बीमार पिता हरीलाल कमरे की तरफ भागे, तो छोटा बेटा हाथ में खून से सना गड़ासा लेकर बाहर निकल रहा था. यह खौफनाक मंजर देखकर पिता कांप उठे.

गोद ली हुई 9 साल की भतीजी को छोड़ा, वह बनी चश्मदीद

हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी ने कमरे में सो रही 9 साल की भतीजी पर हमला नहीं किया. वह बच्ची इस पूरे कत्लेआम की चश्मदीद बनी. बच्ची ने रोते हुए बताया: “चाचा ने पहले मेरे पापा को मारा. फिर मेरी मम्मी और छोटे भाई का सिर काट दिया. मैं बार-बार रोते हुए कह रही थी कि मेरे बाबू को मत मारो, लेकिन उन्होंने एक झटके में मां और भाई को काट डाला.” बच्ची किसी तरह कमरे से चिल्लाते हुए भागी और अपनी दादी को पूरी घटना की जानकारी दी.

‘भाभी ने दो दिन से खाना नहीं दिया था’

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बिना किसी खौफ के ऊपरी मंजिल पर जाकर फर्श पर बैठ गया. सूचना मिलने पर एसएसपी और एसपी दिनेश पुरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी को कमरे से हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने हत्या की वजह पूछी, तो आरोपी फूट-फूटकर रोने लगा. उसने पुलिसकर्मियों से कहा, “भाभी ने मुझे दो दिन से खाना नहीं दिया था, इसलिए मैंने उन्हें मार डाला. क्या मुझे जेल में तो समय पर खाना मिलेगा न?”

दुकान पर कब्जे का डर और मानसिक कुंठा

एसपी दिनेश पुरी ने बताया कि आरोपी किशोर लंबे समय से मानसिक कुंठा और तनाव में जी रहा था. उसे परिवार में ढंग से खाना और कपड़ा नहीं मिलता था और वह पढ़ना चाहता था लेकिन उसे पढ़ने भी नहीं दिया गया. इसके अलावा, गुप्ता परिवार की एक किराने की दुकान है, जिस पर छोटा बेटा बैठता था. बड़ा भाई अमित बाहर नौकरी करता था, लेकिन कुछ महीने पहले ही वह गांव लौट आया था. आरोपी को डर था कि उसका बड़ा भाई दुकान पर कब्जा कर लेगा, जिसे लेकर घर में आए दिन विवाद होता था. साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित कुमार शाही के अनुसार, सामाजिक उतार-चढ़ाव और उपेक्षा के कारण आरोपी साइकोपैथिक (Psychopathic) व्यवहार का शिकार हो गया था. पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.