चालान का नियम बदला: अब कोर्ट जाने के लिए देना होगा 50% जुर्माना
यातायात चालान के नियमों में बड़ा बदलाव। अब कोर्ट में राहत के लिए पहले जुर्माना राशि का 50% जमा करना अनिवार्य। 45 दिन में निपटाने होंगे चालान।
अगली बार जब आप सड़क पर अपने वाहन से निकलें तो यह ध्यान रखना होगा कि अब नियम तोड़ना महंगा पड़ने वाला है। सरकार ने ‘चालान माफी’ को लेकर नियम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब वाहन मालिक चालान में राहत के लिए अदालत में आवेदन तभी कर पाएंगे जब वह राज्य सरकार के पोर्टल पर तय चालान राशि का 50 प्रतिशत भुगताना कर दें। यदि आपकी गाड़ी पर 10 हजार का चालान है तो 5 हजार का भुगतान करने के बाद ही आगे राहत के लिए आप अदालत का रुख कर पाएंगे।
पुलिस की ओर न्यायालय में भेजे जाने वाले चालान अधिक संख्या होने पर लोक अदालत लगती है। इसमें न्यायालय की ओर से 50 प्रतिशत से भी कम राशि जमा करा चालान को समाप्त कर दिया जाता है। कुछ समय पहले भारत सरकार की ओर से जारी गजट की जानकारी हाल ही में नोएडा में यातायात पुलिस को मिली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 के नियम 167 के अंतर्गत चालान जारी करने और भुगतान करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
45 दिन के अंदर देना होगा चालान
अब चालान होने के 45 दिन के अंदर वाहन मालिक को जुर्माना जमा करना होगा या उसके लगता है यह चालान गलत हुआ है तो पोर्टल पर दस्तावेजों के साथ उसकी शिकायत करनी होगी। अगर वाहन मालिक शिकायत नहीं करता है तो माना जाएगा कि उस चालान को स्वीकार कर लिया है। अगर तय समय में वाहन मालिक ने चालान को गलत बताते हुए चुनौती दी तो ट्रैफिक पुलिस को उसका निस्तारण 30 दिन के अंदर करना होगा। अगर चालान रद्द या खारिज किया है तो यातायात पुलिस को उसे पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
पुलिस की ओर से चालान संबंधी शिकायत को खारिज करने के बाद उसे 30 दिन के अंदर चालान की राशि का भुगतान करना होगा। अगर वाहन मालिक पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है तो वह न्यायालय के समक्ष भी आवेदन कर सकता है, लेकिन उसे चालान राशि का 50% देना होगा। नोएडा के डीसीपी ट्रैफिक अभय मिश्रा ने बताया कि चालान का भुगतान करने से लेकर उसको चुनौती देने के लिए समय-सीमा तय की गई है। अब वाहन मालिक अगर न्यायालय में आवेदन करेगा तो उसे पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा।
इस पोर्टल के जरिए कर सकते हैं चालान का भुगतान
पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि चालान से संबंधित जानकारी से लेकर भुगतान की प्रक्रिया NextGen mParivahan पोर्टल के जरिए कर सकेंगे।
क्या बदला
पुलिस अब न्यायालय में चालान नहीं भेजेगी अभी तक तय समय के अंदर अगर वाहन मालिक चालान का भुगतान नहीं करता है तो पुलिस उसे न्यायालय भेज देती है। अब ऐसा नहीं होगा। वाहन मालिक को न्यायालय के समक्ष आवेदन करना होगा, उससे पहले जुर्माने की 50% राशि देनी होगी।