नोएडा अथॉरिटी का महा-विस्तार, 20 हजार हेक्टेयर में बसेगा न्यू नोएडा, 6 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
उत्तर प्रदेश को प्रमुख इन्वेस्टमेंट हब बनाने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने 20 हजार हेक्टेयर में 'न्यू नोएडा' बसाने की महा-योजना तैयार की है।
उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया का प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में नोएडा के योगदान को और गति देने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने ‘न्यू नोएडा’ के महा-विस्तार की एक भव्य योजना तैयार की है। इंडस्ट्रियल और व्यावसायिक मांग में लगातार हो रही तेज बढ़ोतरी को देखते हुए इस नए क्षेत्र को लगभग 20 हजार हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। शहर में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और वैश्विक निवेश को नई रफ्तार देने के साथ ही नोएडा अथॉरिटी ने वर्ष 2030 तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5 से 6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है।
🚇 बेहतर कनेक्टिविटी की प्लानिंग: बोड़ाकी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और तीन नए मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव
नोएडा अथॉरिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा करुणेश ने जानकारी दी कि वर्ष 1976 में स्थापित नोएडा आज उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शुमार है। मजबूत कनेक्टिविटी और बेहतरीन बुनियादी ढांचे के कारण यहां आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और कमर्शियल सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। आवागमन को सुगम बनाने के लिए तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर योजना तैयार की जा रही है, जिनके जरिए शहर को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके अलावा आगामी पांचवें भूमि पूजन समारोह (GBC) में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 120 प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतरेंगे।
📈 आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में अग्रणी: नोएडा का उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान
वर्तमान में नोएडा का उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान है। राज्य के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निर्यात में इसकी हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत और परिधान (Apparel) निर्यात में लगभग 80 प्रतिशत है। सैमसंग, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियां यहां पहले से कार्यरत हैं, जबकि नए डेटा सेंटर निवेश से तकनीक क्षेत्र को और मजबूती मिली है। अथॉरिटी अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बैटरी टेक्नोलॉजी में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे राज्य वि andhha निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा।