नोएडा: गिरधरपुर डबल मर्डर केस में 9 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट का फैसला

गौतमबुद्ध नगर जिला कोर्ट ने गिरधरपुर गांव डबल मर्डर केस में 5 सगे भाइयों समेत 9 को उम्रकैद की सजा सुनाई। प्लॉट विवाद में पंचायत के दौरान हुई थी दो की हत्या।

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिला कोर्ट ने गिरधरपुर गांव में एक प्लॉट व रास्ते पर कब्जे को लेकर हुए डबल मर्डर में 5 सगे भाइयों समेत 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में एक पंचायत के दौरान दो लोगों की हत्या की गई थी। अदालत ने सभी पर 86-86 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

एडीजीसी धर्मेंद्र जैंत ने बताया कि बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में दो पक्षों के बीच एक प्लॉट और रास्ते को लेकर चल रहे विवाद को लेकर 08 फरवरी 2021 को एक प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर पंचायत बुलाई गई थी। इसी बीच एक आरोपी ने पंचायत के लोगों को घटनास्थल पर बुला लिया था। पीड़ित पक्ष के लोग पंचायत के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच वाद विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी देवेंद्र पक्ष के लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

गोलीबारी में दो चचेरे भाई सलेक उर्फ सुरेश और अमित की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनके चाचा प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने इस मामले में 5 सगे भाई देवेंद्र, रविंदर, सतेंद्र, धर्मेंद्र व जितेंद्र के अलावा भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बसंल व अमित बंसल को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।

पीड़ित परिवार को मिला न्याय

इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 9 आरोपियों को दोषी करार दिया। इस बहुचर्चित मामले में सजा होने के बाद पीड़ित परिवार ने उम्मीद जताई है कि अदालत से उन्हें न्याय मिला है।

दस महीने बाद मुख्य गवाह की हत्या

इस मामले में प्रेम सिंह डबल मर्डर केस के सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी गवाह थे। परिजनों का आरोप था कि शुरुआती चार महीनों तक पुलिस ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई, लेकिन कुछ समय बाद सुरक्षा वापस ले ली गई। इसी बीच 16 दिसंबर 2021 को खेत से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने प्रेम सिंह को तीन गोलियां मार दी थीं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में भी देवेंद्र, रविंद्र समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

पीड़ित परिवार ने किया था पलायन

मुख्य गवाह की हत्या के बाद पीड़ित परिवार में दहशत फैल गई थी। मृतक सुरेश के परिवार तथा उसके भाई जयदीप, जो स्वयं भी इस मामले के गवाह हैं, को गांव छोड़कर पलायन करना पड़ा था। परिजनों का आरोप था कि जेल में बंद आरोपी अपने परिचितों के माध्यम से समझौते का दबाव बना रहे थे और इनकार करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।

आरोपी की 4 करोड़ की संपत्ति की थी कुर्क

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में व्यापक अभियान चलाया। मुख्य आरोपी देवेंद्र, रविंद्र और भोपाल पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपियों को कार में भागने की कोशिश के दौरान घेर लिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घिरा देखकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, बाद में अन्य को गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लाइसेंसी राइफल, पिस्टल, तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की थी।

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