नोएडा प्राधिकरण की बड़ी तैयारी, 35 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स से बदलगी तस्वीर
उत्तर प्रदेश के न्यू नोएडा शहर के मास्टर प्लान को मंजूरी मिल गई है। 20 हजार हेक्टेयर में बसने वाले इस नए शहर में 2030 तक 6 लाख रोजगार का लक्ष्य है।
उत्तर प्रदेश सरकार के निवेश और औद्योगिक विकास मिशन के तहत नोएडा में एक अत्याधुनिक ‘न्यू नोएडा’ शहर बसाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लगभग 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस नए शहर का मास्टर प्लान तैयार हो चुका है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस नए शहर के जरिए वर्ष 2030 तक करीब छह लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। न्यू नोएडा के चिन्हित क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक, लॉजिस्टिक और कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
🚇 तीन नए मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव: दिल्ली-NCR से कनेक्टिविटी होगी और अधिक मजबूत
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अनुसार, आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में नोएडा से जुड़े करीब 35 हजार करोड़ रुपये के 120 प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर सकते हैं, जिसमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक और संस्थागत विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, नए शहर को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए तीन नए मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें बॉटनिकल गार्डन से मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और चार मूर्ति के रास्ते ग्रेटर नोएडा तक की कनेक्टिविटी शामिल है, जिससे आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को जबरदस्त गति मिलेगी।
📈 168 सेक्टरों में फैले मौजूदा नोएडा की तर्ज पर ग्लोबल पहचान बनाएगा न्यू नोएडा
वर्तमान में 168 सेक्टरों में फैला लगभग 90 प्रतिशत विकसित नोएडा पहले से ही आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कॉर्पोरेट जगत का बड़ा केंद्र बन चुका है, जहाँ सैमसंग, टीसीएस, एचसीएल, माइक्रोसॉफ्ट और विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों की मौजूदगी है। अब न्यू नोएडा के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि निवेशकों को आधुनिक सुविधाएं और मजबूत कनेक्टिविटी के साथ साल 2030 तक युवाओं के लिए रोजगार का एक नया स्वर्णिम अध्याय मिल सके।