मनीषा मौत मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर कोर्ट का फैसला टला, अब 31 अक्तूबर को आएगा फैसला

भिवानी की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ परिजनों की याचिका पर विशेष कोर्ट का फैसला 31 अक्तूबर तक टल गया है।

भिवानी । हरियाणा के भिवानी जिले की 19 वर्षीय चर्चित शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दर्दनाक मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देने वाली परिजनों की विरोध याचिका (Protest Petition) पर बुधवार को विशेष अदालत का फैसला टल गया है।

सीबीआई की विशेष मजिस्ट्रेट अदालत ने अब इस हाई-प्रोफाइल मामले पर अगली सुनवाई और फैसले के लिए 31 अक्तूबर 2026 की नई तारीख मुकर्रर की है।

🔍 CBI ने दाखिल की थी क्लोजर रिपोर्ट, हत्या के बजाय बताया आत्महत्या

इस बहुचर्चित मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने अपनी लंबी जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।

  • सीबीआई का निष्कर्ष: अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने मनीषा की मौत को हत्या मानने के बजाय आत्महत्या का रूप करार दिया था।

  • परिजनों का विरोध: सीबीआई के इस निष्कर्ष और जांच से पूरी तरह असंतुष्ट होकर मनीषा के परिजनों ने अदालत में प्रोटेक्ट पिटीशन दायर की। परिजनों ने सीबीआई जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मामले में नए सिरे से सुनवाई और नामजद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।

⚖️ 15 अक्तूबर को हुई थी तीखी बहस, कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला

उल्लेखनीय है कि गत 15 अक्तूबर को विशेष अदालत के समक्ष परिजनों के वकीलों और सीबीआई के कानूनी सलाहकारों के बीच कई घंटों तक तीखी बहस और दलीलें पेश की गई थीं।

  • फैसला सुरक्षित: दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

  • तारीख टली: बुधवार को आने वाले इस संभावित फैसले को अब 31 अक्तूबर तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

📜 जानिए क्या था पूरा मामला? 19 वर्षीय शिक्षिका की मौत पर भड़का था जनाक्रोश

भिवानी निवासी 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही पीड़ित परिजनों और स्थानीय नागरिकों का आरोप था कि मनीषा की सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है।

  • जनदबाव और सीबीआई जांच: मामले की संवेदनशीलता, लगातार बढ़ते जनदबाव और विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी।

  • 31 अक्तूबर पर टिकीं निगाहें: अब 31 अक्तूबर को विशेष कोर्ट द्वारा सुनाए जाने वाले आदेश पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं कि अदालत सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर केस बंद करती है या परिजनों की याचिका को स्वीकार करते हुए पुनर्जंच अथवा आगे की कार्रवाई का आदेश देती है।

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