रेवाड़ी: चलती एंबुलेंस में महिला ने दिया बच्ची को जन्म, EMT की सूझबूझ से बची जान

रेवाड़ी के गिंदोखर गांव में एंबुलेंस कर्मियों ने चलती गाड़ी में सुरक्षित प्रसव कराया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सीएमओ ने एंबुलेंस टीम की जमकर सराहना की।

रेवाड़ी: मंगलवार को रेवाड़ी में महिला ने चलती एंबुलेंस में बच्ची को जन्म दिया. दरअसल डायल 112 पर कॉल आई कि गिंदोखर गांव में महिला की डिलीवरी होनी है. सूचना मिलने के बाद सिविल अस्पताल से चालक सुनील कुमार इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन अशोक कुमार एंबुलेंस लेकर गांव पहुंच गए. इसके बाद गर्भवती महिला को लेकर एंबुलेंस सिविल अस्पताल के लिए निकली. रास्ते में ही महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई.

चलती एंबुलेंस में महिला की डिलीवरी: ईएमटी अशोक कुमार ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एंबुलेंस में ही महिला की डिलीवरी करा दी. महिला ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. बाद में जच्चा-बच्चा को अस्पताल दाखिल कराया गया. रेवाड़ी जिले के गांव गिंदोखर निवासी सुनील की पत्नी प्रवेश देवी को दो संतान पहले से हैं. वो गर्भवती थी और स्वास्थ्य विभाग से लगातार चेकअप करा रही थी. मंगलवार को प्रसव पीड़ा शुरू होते ही परिजनों ने एंबुलेंस बुलवा ली.

रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ी: जब प्रवेश को एंबुलेंस में लेकर सिविल अस्पताल लाया जा रहा था, तो रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई. ईएमटी अशोक कुमार ने चलती एंबुलेंस में ही प्रवेश की सफलतापूर्वक डिलीवरी करा दी. एंबुलेंस ने अस्पताल पहुंचकर प्रवेश को नवजात बच्ची सहित प्रसूती वार्ड में दाखिल करा दिया. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने जच्चा और बच्चा दोनों की जांच की.

डॉक्टर ने दिया सूझबूझ का परिचय: दोनों के स्वस्थ होने की पुष्टि होने के बाद सीएमओ नरेंद्र दहिया व अस्पताल के दूसरे अधिकारियों ने ईएमटी अशोक कुमार की सराहना की. प्रसूती के बाद सीएमओ डॉक्टर नरेंद्र दहिया वार्ड में पहुंचे. वहां जच्चा-बच्चा का कुशलक्षेम जाना. नवजात के पिता सुनील ने तीसरी संतान के रूप में परिवार में बच्ची पैदा होने पर खुशी जाहिर करते हुए ईएमटी और समय पर एंबुलेंस पहुंचाने पर चालक के प्रयासों की सराहना की.

सीएमओ ने की सराहना: सीएमओ डॉक्टर दहिया के अनुसार “आपात स्थिति में मरीज को मदद पहुंचाने में इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन बड़ी भूमिका अदा करते हैं. इससे पहले भी ईएमटी अरुण कुमार, विनोद यादव, आशीष, उमेद, राजकुमार, रवि सिंहवाहिया, प्रदीप व सुनील भी चलती एंबुलेंस में महिलाओं की सफलतापूर्वक ढंग से डिलीवरी करा चुके हैं. वो हादसों और गंभीर मरीजों की जान बचाने में भी बड़ी भूमिका अदा करते हैं.”

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