पराली जलाने पर 3 महीने बाद किसान पर FIR दर्ज, कृषि विभाग की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
यमुनानगर के खुंडेवाला में गेहूं के अवशेष जलाने पर किसान के खिलाफ FIR दर्ज। पढ़ें जुर्माना और कार्रवाई की पूरी खबर।
यमुनानगर: फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद खेत में आग लगाने के मामले में थाना छप्पर पुलिस ने घटना के तीन माह बाद किसान के खिलाफ सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की है। खंड कृषि अधिकारी जगाधरी संतोष कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पराली जलाने पर रोक के बावजूद तहसील के खुंडेवाला गांव में इसी वर्ष नौ मई को खेत में पराली जलाने का मामला सामने आया था।
इसके बाद ग्राम स्तर पर गठित कमेटी ने गांव में पिछले दिनों मौका मुआयना किया। इस दौरान किसान सूरजा राम के खेत में गेहूं की फसल के अवशेष जलाने के सबूत मिले। करीब आठ कनाल 19 मरला एरिया में फसल के अवशेष जलाए गए थे।
जुर्माने का प्रावधान
अवशेष जलाने पर खेत के क्षेत्रफल के आधार पर 5,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक का पर्यावरणीय जुर्माने का प्रावधान है। किसान के भूमि रिकॉर्ड और मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री दर्ज की जाती है। इसके बाद किसान अगले सीजन तक अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं बेच पाते हैं।
कृषि विभाग की टीम ने मौके की लोकेशन और खेत से संबंधित किला नंबर रिपोर्ट में दर्ज किया। खंड कृषि अधिकारी ने कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।