यमुनानगर: नशा तस्करी के आरोप में महिला के घर रेड, पुलिस ने खंगाला कोना-कोना

यमुनानगर के हैदरपुर गांव में पुलिस ने ऑपरेशन मैदान 2.0 के तहत एक महिला के घर छापेमारी की। नशा तस्करी के आरोपों और वायरल वीडियो के बीच जानें क्या है पूरा मामला।

यमुनानगर : हरियाणा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मैदान 2.0 के तहत यमुनानगर के छछरौली थाना क्षेत्र के गांव हैदरपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस टीम ने उस महिला के घर छापेमारी की, जिस पर गांव में नशा बेचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की। यहां तक कि वॉशरूम की फ्लश, पानी की टंकियों और बिजली के मीटर बॉक्स तक को खंगाला गया, ताकि कहीं नशीला पदार्थ छिपाकर न रखा गया हो।

पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। इस पूरे मामले में कई CCTV वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में महिला घर के बाहर कुछ लोगों को कथित तौर पर नशा सप्लाई करती हुई दिखाई दे रही है। वहीं छापेमारी के बाद महिला ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

महिला का कहना है कि गांव के सरपंच प्रतिनिधि सरवन कुमार व्यक्तिगत रंजिश के चलते उसे बदनाम कर रहे हैं। महिला ने दावा किया कि वह निर्दोष है और उसके खिलाफ साजिश रची जा रही है। दूसरी तरफ सरपंच प्रतिनिधि सरवन कुमार का कहना है कि महिला लंबे समय से गांव में नशे का कारोबार कर रही है और इसकी वजह से गांव के कई युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि गांव को नशे के जाल से मुक्त कराया जा सके।

वहीं इस मामले में छछरौली थाना प्रभारी वेदपाल ने बताया कि जिले में नशा बेचने और खरीदने से जुड़े संदिग्ध स्थानों को चिन्हित किया गया है। उसी अभियान के तहत यह रेड की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को सूचना के आधार पर कार्रवाई करनी थी, इसलिए छापेमारी की गई। हालांकि तलाशी के दौरान घर से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। एक तरफ नशे के खिलाफ सख्त अभियान चल रहा है, तो दूसरी तरफ आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर आरोप सही हैं तो सबूत कब मिलेंगे, और अगर आरोप गलत हैं तो आखिर महिला का नाम बार-बार विवादों में क्यों आ रहा है?

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